महीने की शुरूआत में ही बारिश ने राजोरी-पुंछ जिले में कहर बरपा दिया। इसकी वजह से काफी जान माल का नुकसान हुआ, लेकिन बारिश और बाढ़ का एक जगह फायदा जरूर हुआ। राजोरी-पुंछ की एलओसी पर होने वाले संघर्ष विराम के उल्लंघन की घटनाओं पर अंकुश लग गया, साथ ही घुसपैठ के प्रयास भी बंद हो गए हैं।
सूत्रों की मानें तो बाढ़ और बारिश की वजह से आतंकी गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। आतंकियों के ठिकाने नष्ट हुए हैं, उनकी प्लानिंग भी प्रभावित हुई है। चार सितंबर को राजोरी-पुंछ में बारिश शुरू हो गई थी, जो 13 सितंबर तक होती रही। इसकी वजह से पुंछ जिले में काफी नुकसान हुआ और राजोरी जिले में करीब 100 लोगों की मौत हो गई। 4 सितंबर से लेकर अब तक एक बार भी राजोरी-पुंछ जिले में संघर्ष विराम के उल्लंघन का मामला सामने नहीं आया।
जबकि कोई भी घुसपैठ की घटना नहीं हुई। खुफिया एजेंसियों के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बाढ़ और जोरदार बारिश से पीओके में काफी तबाही हुई है। पाकिस्तानी सेना, आईएसआई, आतंकी संगठनों का बुनियादी ढांचा इससे प्रभावित हुआ है। उनकी प्लानिंग भी प्रभावित हुई है। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिन चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। क्योंकि बाढ़ और बारिश से भारतीय हद में भी नुकसान हुआ है।
तारबंदी को नुकसान हुआ है, भारतीय पोस्टें नष्ट हुई हैं, जिसका आतंकी संगठन लाभ उठा सकते हैं। कई आतंकवादी नियंत्रण रेखा पर बैठे हुए हैं, लेकिन अभी वह इस हालत में नहीं हैं कि घुसपैठ कर सकें, लेकिन आने वाले दिनों में यह प्रयास तेज होंगे। एक-डेढ़ महीने के बाद सर्दी हो जाएगी और मुगल रोड बंद हो जाएगा। बर्फ गिरने से पहले आतंकी घुसपैठ करने की कोशिश करेंगे।