नौकरी से निष्कासित की गई नरसे हड़ताल पर
- फोटो : AMAR UJALA
राजोरी। नर्सो ने उनके साथ विश्वासघात का आरोप लगाते हुए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज राजौरी के नर्सिंग स्टाफ ने मंगलवार को लगातार चौथे दिन भी अपना धरना प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शनकारी नर्सिंग स्टाफ ने आरोप लगाया कि जीएमसी राजौरी के प्रशासन ने उन्हें नौकरी से निकाल कर उनका जीवन खराब कर दिया है। उन्होंने भाजपा नेताओं पर उनकी नौकरियों की रक्षा के झूठे वादों का भी आरोप लगाया। गुस्साई नर्सो ने कहा कि भाजपा नेताओं ने हमें अपनी नौकरियों की रक्षा करने का वादा किया था लेकिन उनके दावे हमारी समाप्ति के साथ झूठे साबित हुए। हमें नौकरी से निष्कासित करने से पहले हमारे भविष्य के बारे में नहीं सोचा गया ओर हमें दर दर की ठोकरें खाने के लिए छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने निष्कासित किये जाने पर सवाल उठाया, तो उन्हें जवाब दिया गया कि एसआरओ -24 के तहत भर्ती किए गए सभी नर्सिंग कर्मचारी की अवदी सम्पात हो गई है । जबकि एसआरओ -384 के तहत भर्ती किए गए नर्सिंग स्टाफ को विस्तार पर विस्तार दिया गया है और इस एसआरओ के तहत दी गई शर्तों में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि राजौरी के साथ साथ कठुआ के जीऍमसी के नर्सिंग स्टाफ को भी निष्कासित कर दिया गया है जबकि GMC डोडा अभी भी अपना काम कर रहा है और वहा किसी को भी नही निकाला गया है। वहीँ उन्होंने केंदर सरकार पर आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जम्मू के युवाओं के भविष्य के साथ खेल रही है। बढ़ती नौकरियों के अवसर उपलब्ध कराने के बजाय उन्हे मिली नौकरियों को भी छीना जा रहा है। कहा कि अस्पताल प्रशासन ने यह कहकर हमसे दिन रात ड्यूटी ली कि वे इस अस्पताल के कर्मचारी हैं, लेकिन अब उन्होंने यह कहकर बाहर निकाल दिया कि वे इस अस्पताल का हिस्सा नहीं हैं।
नौकरी से निष्कासित करने के बाद नर्सों की हड़ताल जारी
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नौकरी से निष्कासित करने के बाद नर्सों की हड़ताल जारी