दस महीने के बकाया वेतन नहीं मिलने से आरईटी शिक्षकों में रोष है। वेतन समेत अन्य मांगों के समर्थन में राज्य सरकार पर दबाव बनाने के लिए शिक्षकों सोमवार को बैठक की।
शहर की चिल्ड्रेन पार्क में आल जेएंडके आरईटी शिक्षक फोरम के बैनर तले आयोजित बैठक में जिला प्रधान आफताब तांत्रे, जिला सचिव जहांगीर खान ने राज्य की गठबंधन सरकार पर आरईटी शिक्षकों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षकों की चिंता नहीं है।
दूरदराज के क्षेत्रों में आरईटी शिक्षक भरपूर मेहनत कर रहे हैं, लेकिन शिक्षकों को अपना परिवार पालने के लिए वेतन नहीं मिल पा रहा है। बार-बार चेतावनी देने के बाद भी राज्य सरकार की नींद नहीं खुली है। पिछले आठ से दस महीने का वेतन नहीं मिला है।
शिक्षकों के लिए कोई ठोस ट्रांसफर नीति नहीं बनाई जा रही है। आरईटी शिक्षकों की बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी से रोक के निर्णय का भी उन्होंने विरोध किया है। सरकार आरईटी शिक्षकों को जानबूझकर परेशान कर रही है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य में रमसा और एसएसए के तहत और फंड देने से इंकार किया है। इससे आरईटी शिक्षकों को और भी समस्याएं बढ़ जाएंगी।
शिक्षकों ने राज्य व केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही आरईटी शिक्षकों के साथ भेदभाव खत्म नहीं किया गया और बकाया वेतन नहीं दिया गया तो सड़कों पर उतर कर उग्र प्रदर्शन करेंगे।