प्रशासन और सरकार ग्रामीणों को कहीं सुरक्षित स्थानों पर पनाह दे। यह कहना है जिले के गांव शाहपुर काईयां निवासी फजल हुसैन का। जिसका सात वर्षीय बेटा रियाज स्कूल जाते समय पाक गोलाबारी में घायल हो कर जिला अस्पताल में भर्ती है।
फजल का कहना है कि वैसे तो हमारे इलाके में हमेशा से ही मौत का खतरा बना रहता है क्योंकि अकसर पाक सेना भारतीय सेना की चौकियों पर गोलीबारी किया करती है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से जिस प्रकार पाक सेना ने हमारे गांव एवं घरों पर गोलाबारी शुरू कर दी है, ऐसे में हमारे जीवित बचने की कोई संभावना ही नहीं है।
शाहपुर निवासी शिक्षक मोहम्मद अकबर के घर के पास बुधवार को भी कई पाक गोले गिरे हैं, जिनमें वह और उसका परिवार बाल-बाल बच गया है। उसका भी कहना है कि सरकार हम लोगों को 15-20 दिनों के लिए बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर रखने के लिए जगह दे दे।