छात्रवृत्ति आवेदन सत्यापन में लापरवाही पर कार्रवाई
राजोरी। राजोरी जिले के 33 सरकारी और निजी स्कूलों के एचओडी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनसे नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर एसटी विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति आवेदन का सत्यापन न करने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी राजोरी की ओर से जारी नोटिस के अनुसार जिले के विभिन्न स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों ने अंब्रेला स्कीम फॉर एजुकेशन ऑफ एसटी स्टूडेंट्स प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप के तहत नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर आवेदन किया था। सीईओ ने स्पष्ट किया कि पोर्टल पर छात्रवृत्ति आवेदन का सत्यापन समय पर करना संस्थानों के प्रमुखों की जिम्मेदारी थी।
छात्रवृत्ति सत्यापन की अंतिम तिथि 15 फरवरी 2025 थी। इससे पहले, 5 फरवरी को सीईओ कार्यालय ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया था कि वे अंतिम तिथि से पहले विद्यार्थियों के आवेदन को हर हाल में सत्यापित करें। इसके बावजूद जिले के 33 सरकारी और निजी स्कूलों ने विद्यार्थियों के आवेदन फॉर्म सत्यापित नहीं किए, जिससे अंतिम तिथि के बाद पोर्टल बंद हो गया।
सीईओ ने इन 33 स्कूलों के एचओडी को दो दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि गरीब विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के अधिकार से वंचित करने के लिए संबंधित स्कूल स्वयं जिम्मेदार होंगे। संवाद
60 गरीब छात्र छात्रवृत्ति से वंचित
स्कूलों की लापरवाही के कारण एसटी समुदाय के करीब 60 गरीब विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रह गए हैं। इन विद्यार्थियों के अभिभावक सरकारी नौकरी में नहीं हैं और उनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है। ऐसे जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को उनका छात्रवृत्ति अधिकार नहीं मिल पाएगा, जिससे उनकी शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।