दूरदराज के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से से कृषि विज्ञान केंद्र राजोरी ने मुर्गी के बच्चे वितरित किए।
जिले की बुद्धल तहसील के दूरदराज की पंचायताें जैसे चंबी तराड़, करहड्ड के किसानों के लिए आयोजित प्रशिक्षण शिविर में किसानों को अतिरिक्त आय सृजन के लिए मुर्गी पालन के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
वहीं इस अवसर पर किसानों को 2400 के करीब मुर्गी के बच्चे वितरित किए गए। इसके अलावा किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं बारे विस्तार से बताया गया।
केंद्र के डाक्टरों ने किसानों को मुर्गी पालन के बारे में प्रशिक्षत कर उन्हें इसे अपना व्यवसाय बनाने के लिए प्रेरित किया। वहीं इस अवसर पर केंद्र के डा. वैज्ञानिक अरविंद शर्मा ने किसानों विस्तृत विवेचना करते हुए उन्हें मुर्गी पालन के वैज्ञानिक पालन के बारे में जानकारी दी।
वहीं उन्होंने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि पशु पालन विभाग एवं कृषि विज्ञान संयुक्त रूप से इस उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। वहीं इस अवसर पर डा. पारूल गुप्ता ने किसानों को जागरूक करते हुए घरेलू पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन पर विशेष जोर डालते हुए उन्हें जागरूक किया।
वहीं किसानों को मशरूम की खेती, मधुमक्खी पालन, जैविक खाद और डेयरी फार्मिंग के बारे में जागरूक करते हुए डा. सूरज प्रकाश ने उन्हें आय सृजन के उपकरणों को अपनाने पर बल दिया।