फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कई सरकारी स्कूलों का परिणाम 20 फीसदी से भी कम

Sun, 24 May 2015 01:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, राजोरी
विज्ञापन
विज्ञापन
12वीं कक्षा के वार्षिक परिणाम ने सरकारी स्कू ल की पोल खोल कर रख दी है। बोर्ड परीक्षा का परिणाम देखते ही कई सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित नतीजों के अनुसार राजोरी-पुंछ सीमावर्ती जिलों में कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनके परिणाम 20 फीसदी से भी कम हैं और कुछ स्कूल तो 10 फीसदी के अंाकडे़ को भी पार नहीं कर पाए।
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक जिले के सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल का परिणाम 15 प्रतिशत, सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल जमोला 12 प्रतिशत, सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल ककोड़ा 17 प्रतिशत, सरकारी हायर सकेंडरी स्कूल खवास केवल 7 प्रतिशत , सरकारी हायर सकेंडरी स्कूल तरगाई 12 प्रतिशत, सरकारी हायर सकेंडरी स्कूल देवक 13 प्रतिशत परिणाम ही दे पाए हैं।

उधर पुंछ जिले की मेंढर तहसील के सरकारी स्कूल सबसे खराब परिणाम देने में सामने आए हैं। कन्याओं के सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल मेंढर का परिणाम 12 फीसदी, सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल छत्राल 18 फीसदी, सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल दारगलून 7 फीसदी, हायर सेकेंडरी स्कूल घानी 5 फीसदी, सरकारी हायर सकेंडरी स्कूल मनकोट 6 फीसदी, सरकारी हायर सकेंडरी स्कूल गूरसाई 17 फीसदी, परिणाम लाए हैं।
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि इस वर्ष दोनोें सीमावर्ती जिलों, खास कर मेंढर तहसील के सरकारी स्कूलों में नकल मारने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा शिकंजा कसते हुए भारी संख्या में नकल करते हुए परीक्षार्थियों को पकड़ा था। उन विद्यार्थियों के  खिलाफ केस बने थे।

इस संबंध में राजोरी के मुख्य शिक्षा अधिकारी अब्दुल हमीद फानी का कहना है कि कि सरकार द्वारा ऐसे स्कूलों के लेक्चररों व प्रिंसिपलों की वार्षिक इंक्रीमेंट बंद करने के निर्देश पहले से ही दिए गए हैं। वहीं. सीईओ ने बताया कि जल्द ही इस संबंध में कोई आदेश भी जारी कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें