दशहरा पर्व पर होने वाले रावण दहन को लेकर पिछले दो दिन से चल रहे विवाद पर विराम लग गया है। जिला प्रशासन ने दोनों पक्षों की सहमति के बाद विवादित जमीन पर धारा 145 लगा दी। इससे जमीन पर अब किसी पक्ष का भी हक नहीं रह गया। यहां तक की सरकार का भी इस पर कोई हक नहीं। यह मामला अब कोर्ट पर छोड़ दिया गया है।
राजोरी-पुंछ रेंज के डीआईजी अशोक अत्री के आवास पर दो घंटे चली बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसमें राजोरी के उपायुक्त जतिंदर कुमार सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त सलीम मलिक, एएसपी शिवदेव सिंह, भाजपा के जिला प्रधान भारत भूषण वैद्य, जवाहर नगर व्यापार मंडल के प्रधान मिंटा साहनी सहित कई लोगों ने हिस्सा लिया।
बतातें चले कि बुधवार को एक समुदाय के दो लोगों ने जवाहर नगर के व्यापार मंडल को कहा था कि दशहरा ग्राउंड पर वह दशहरा नहीं मनाएं। इसे लेकर बवाल मच गया था। इसके बाद वीरवार को दिनभर बैठकों का दौर चलता रहा। पहले जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर बैठक की।
इसके बाद व्यापार मंडल जवाहर, शिव मंदिर कमेटी, हिंदू संगठनों की बैठक हुई। दोनों ही तरफ से अपने-अपने स्तर पर की गई बैठक में कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। मामला गरमाता देख जिला प्रशासन ने शाम 6 बजे बैठक बुलाई।
इसमें दो घंटे तक बातचीत करने के बाद दोनों तरफ से सहमति होने पर विवादित जमीन पर धारा 145 लगा दी गई। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि पीएचई विभाग के ग्राउंड पर लोग रावण दहन कर सकेंगे।