एति नामक स्थान से सड़क न निकालकर प्रशासन चाहता था बाइपास, लोगों के विरोध पर बदला फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। राजोेरी-थन्नामंडी-सूरनकोट सड़क अब एति नामक जगह से ही निकलेगी। बाइपास के फैसले को बदलकर उपायुक्त विकास कुंडल ने इसी स्थान से सड़क निकालने का निर्णय लेकर लोगों को राहत दी है। पहले यह एकल मार्ग था जिसका अब दोहरीकरण किया जा रहा है। सड़क का लगभग 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है लेकिन इस स्थान पर इसे एतिहासिक मुगल रोड से जोड़ने की लोगों ने मांग उठाई थी और बाइपास का विरोध किया था। मुगल रोड तक 45 किलोमीटर लंबी इस सड़क के शुरू होने से श्रीनगर जाने वाले पर्यटकों को सुगम मार्ग की सुविधा मिलेगी।
प्रशासन ने कुछ समय पहले इस एकल मार्ग पर संपर्क बढ़ाने और यातायात प्रवाह को सुगम बनाने के लिए इसके दोहरीकरण का निर्णय लिया था। इस सड़क को पीर पंजाल क्षेत्र के लिए जीवन रेखा के रूप में भी देखा जाता है। यह सीमावर्ती जिले राजोेरी को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा बनाए गए ऐतिहासिक मुगल रोड से भी सीधा जोड़ती है। राजोेरी-थन्नामंडी-सूरनकोट सड़क न केवल एक परिवहन गलियारा है, बल्कि सुंदर कश्मीर घाटी के लिए सबसे छोटा मार्ग है। यह सड़क पुंछ जिले के बफलियाज में जाकर मिलती है। यह कश्मीर घाटी से आने-जाने वाले सैकड़ों पर्यटकों, यात्री वाहनों और ट्रकों के लिए महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में काम आती है। इस सड़क के बनने के बाद स्थानीय लोगों को घाटी में आना-जाना तो आसान होगा ही, बल्कि यह सड़क आर्थिक विकास और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। यहां ठहराव करने वाले यात्रियों से स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। उपायुक्त ने दोहरीकरण में आ रही दिक्कत और लोगों के विरोध को दूर करते हुए काम में तेजी लाने के भी निर्देश दिए हैं।