1947 के पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र के रिफ्यूजियों ने मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ रविवार को जोरदार प्रदर्शन किया। इस मौके पर रिफ्यूजियों ने कहा कि पीओके में छूट गई उनकी संपत्ति के लिए प्रति परिवार कम से कम 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।
वहीं प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अब रिफियूजी अपनी मांगों को पूरा करवाए बिना अब आन्दोलन समाप्त नहीं करने वाले हैं। रविवार को नगर के कृष्णचंद्र पार्क में रिफ्यूजी विकास मंच की तरफ से एक प्रदर्शन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में पाक अधिकृत क्षेत्र से 1947 में विस्थापित होकर आए लोगों ने भाग लिया।
रिफ्यूजियों ने जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। जिसमें शामिल प्रदर्शनकारी ने अपने अधिकारों और मांगों के हक में केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर उपस्थित रिफ्यूजियों को संबोधित करते हुए रिफ्यूजी संगठन के पदाधिकारियों प्रधान एडवोकेट चमन लाल, नाहर सिंह तारा, हरनाम सिंह, लक्ष्मी चंद शास्त्री, रगबीर सिंह ने अभी तक की सभी केन्द्र और राज्य सरकारों की आलोचना की।
कहा कि आज 68 वर्ष बीत जाने के बाद भी वो पीओके रिफ्यूजियों का कोई स्थाई समाधान नहीं कर पाए हैं। उनकी मांग है कि रिफ्यूजियों को राज्य विधानसभा और लोक सभा में राजनीतिक आरक्षण दिया जाए। उनकी जो चल अचल संपत्ति पीओके में रह गई है, उसका एक मुश्त 50लाख रूपये मुआवजा दिया जाए।
जिन लोगों के पास मकान और जमीने नहीं है उन्हें प्रति परिवार कम से कम 48 कनाल जमीन दी जाए और मकान बनाने के लिए सरकारी सहायता दी जाए। रिफ्यूजियों के बच्चों को प्रोफेशनल कालेजों और सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया जाए। वहीं इस मौके पर एडवोकेट चमल लाल शर्मा ने इस बात की घोषणा की कि अब जब तक मांगे पूरी नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा।