यह अभियान मई के आखिर में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य जंगलों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में छिपे आतंकियों का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय करना है। सुरक्षाबल पूरे इलाके में व्यापक तलाशी और निगरानी अभियान चला रहे हैं तथा हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक पूरे क्षेत्र की पूरी तरह से तलाशी नहीं हो जाती और अभियान के सभी लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था भी की गई है।
इससे पहले नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास नौशेरा सेक्टर के कलाल इलाके में गश्त के दौरान एक आकस्मिक बारूदी सुरंग विस्फोट में सेना के एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जेसीओ) समेत चार जवान घायल हो गए थे। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद उधमपुर स्थित सेना के कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया था।