संवाद न्यूज़ एजेंसी
राजोेरी। ट्रैफिक पुलिस (ग्रामीण) जम्मू ने सलानी पुल पर विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान दो अलग-अलग मामलों में वाहन चालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई। दो चालकों को हिरासत में लेकर एफआईआर दर्ज की गई। एक बस का रूट परमिट फर्जी निकाल और दूसरा रूट परमिट दिखा नहीं पाया।
पहले मामले में पुंछ से जम्मू जा रही बस को डीटीआई की तरफ से जांच के लिए रोका गया। यह बस केवल कृष्ण निवासी डिग्याना आश्रम जम्मू की मालिकाना हक में है और इसे सूक्षम शर्मा चला रहा था। जांच के दौरान चालक ने पुंछ-जम्मू मार्ग का एक फोटोकॉपी रूट परमिट प्रस्तुत किया। दस्तावेज पर संदेह होने पर इसकी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) से पुष्टि कराई गई। जांच में पता चला कि प्रस्तुत किया गया रूट परमिट फर्जी था। मूल परमिट केवल जम्मू-बनिहाल मार्ग के लिए जारी किया गया था। इसके बाद वाहन को जब्त कर चालक को हिरासत में लिया गया। इस संबंध में थाना राजोेरी में एफआईआर दर्ज की गई।
दूसरे मामले में दूसरी बस को भी सलानी पुल पर जांच के दौरान रोका गया। यह वाहन जगजीत सिंह निवासी अखनूर जम्मू का है और इसे रमीज अहमद निवासी सुरनकोट चला रहा था। जांच के दौरान चालक वैध रूट परमिट प्रस्तुत करने में असफल रहा। बाद में सत्यापन में पुष्टि हुई कि वाहन पुंछ-जम्मू मार्ग पर अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। चालक ने ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक अधिकारी के वैध निर्देशों का भी पालन नहीं किया।
इसके चलते वाहन को जब्त कर चालक को हिरासत में लिया गया। इस संबंधी थाना राजोेरी में एफआईआर दर्ज की गई। इस संबंध में एसएसपी ट्रैफिक (ग्रामीण) जम्मू फारूक कैसर ने कहा कि मामले को संबंधित सक्षम प्राधिकरणों के समक्ष उठाया जाएगा ताकि संबंधित वाहनों के रूट परमिट और चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा वाहन मालिकों और चालकों से सभी कानूनी और नियामक प्रावधानों का पूर्ण पालन करने की अपील की।