प्रदेश के 128 स्कूलों सहित शिक्षा निदेशालय और 12 उपनिदेशक कार्यालयों में पहले चरण में मशीनें लगाई जाएंगी।
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अब नई पालिसी में शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए दूरदराज व एलओसी से सटे गांवों में सेवा करना अनिवार्य कर दिया है। इस महीने की 18 मई को जिला विकास बोर्ड की बैठक में जनता के प्रतिनिधियों ने बोर्ड चेयरमैन एवं शिक्षा मंत्री नईम अख्तर के समक्ष शिक्षकों की कमी की समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई थी। उन्होंने मंत्री से कहा था कि दूरदराज के पिछड़े गांवों व एलओसी से सटे गांवों में शिक्षक ड्यूटी करना पसंद ही नहीं करते हैं।
इसी के तहत शिक्षा मंत्री ने विभाग के अधिकारियों से कमी के बारे में विस्तार जानकारी मांगी थी। शिक्षा विभाग द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुसार जिले के दूरदराज के पिछड़े गांवों जैसे मोगला, खवास, कालाकोट, खा, जमोला , पीड़ी और सुंदरबनी, नौशेरा, ढुंगी व मंजाकोट शिक्षा जोनों के एलओसी से सटे क्षेत्रों में शिक्षकों की अधिक कमी बताई जा रही है।
इस मुद्दे पर विचार विमर्श करने के बाद नई पालिसी बनाने पर विचार किया गया। नई पालिसी के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नियुक्त मास्टरों व शिक्षकों को दूरदराज व एलओसी से सटे क्षेत्रों में सेवा देना अनिवार्य बनाया गया है। विशेष कर नए भर्ती हुए शिक्षकों की पहली नियुक्ति ऐसे ही क्षेत्रों में करना भी अनिवार्य बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं इसे लेकर शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की रेशनलाइजेशन करने की प्रक्रिया पर काम भी शुरू कर दिया है। जिले के विभिन्न शिक्षा जोनों के जेडईओ से ऐसे सभी शिक्षकों की सूची प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं, जो पिछले काफी समय से एक ही स्कूल में नियुक्त हैं। जल्द ही ऐसे शिक्षकों को दूर दराज व एलओसी से सटे क्षेत्रों के स्कूलों में भेजा जाएगा।
इस संबंध में सीईओ राजोरी अल्ताफ हुसैन ने बताया कि बोर्ड बैठक के बाद मंत्री के निर्देश के बाद नई पालिसी पर काम शुरू कर दिया गया था और जल्द ही इसे अमली जामा पहना दिया जाएगा, ताकि दूरदराज व एलओसी से सटे क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी को पूरा किया जा सके।