राजोेरी। जिला प्रशासन राजोेरी की ओर से स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से पहली बार वर्चुअल एजूकेशन कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इसमें 143 स्कूलों के 15000 से अधिक छात्रों ने अपने-अपने स्कूलों के स्मार्ट क्लासरूम में बैठकर ऑनलाइन भाग लिया। इस दौरान उपायुक्त विकास कुंडल ने छात्रों को बड़े सपने देखने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही कहा कि सपने पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत जरूरी है।
छात्रों के साथ बातचीत करते हुए उपायुक्त ने छात्रों को अकादमिक उत्कृष्टता और कैरियर के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने उन्हें अपने शैक्षणिक वर्षों के दौरान अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया। परीक्षाओं में सफल होने के लिए करंट अफेयर्स और रीजनिंग की पढ़ाई करने के लिए कहा। शिक्षकों के समर्पण और उनके प्रयासों और पहलों की सराहना करते हुए, डीसी ने उन्हें शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नए तरीके तलाशने का सुझाव दिया। स्मार्ट कक्षा का लाभ उठाने की सलाह दी। छात्रों को पढ़ने की आदत डालने की भी सलाह दी। डीसी ने जीवन में रोल मॉडल के महत्व पर जोर दिया। डीसी ने यह भी कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है और उन्हें देश के विकास में योगदान देने के लिए मजबूत प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ कड़ी मेहनत करनी चाहिए। इस कार्यक्रम में 18 अतिथि वक्ताओं ने वर्चुअल मोड के माध्यम से बात की। अन्य वक्ताओं में उप निदेशक योजना, बिलाल राशिद मीर, डॉ. साची सूद, इमरान मलिक, डॉ. दानिश रैना, मुस्लिम वानी, जाफर लतीफ, अभिषेक गुप्ता, डॉ राशिद अंजुम, डॉ. नाहिदा चौधरी आदि शामिल रहे। इस कार्यक्रम में उपस्थित अन्य लोगों में सहायक आयुक्त राजस्व इमरान राशिद कटारिया, मुख्य शिक्षा अधिकारी शैलाष कुमारी आदि मौजूद रहे।