डीडीसी वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट प्रोग्राम के कार्यान्वयन की समीक्षा करते हुए।
राजोेरी। उपायुक्त राजेश कुमार शवन ने जिला स्तरीय एक्सपोर्ट प्रोमोशन कमेटी के साथ रविवार को बैठक की। इसमें एक जिला एक उत्पाद कार्यक्रम के रोल आउट क्रियान्वयन के तौर-तरीकों पर चर्चा की। यह माइक्रो फ़ूड प्रोसेसिंग इंटरप्राइजेज योजना है।
बैठक में बताया गया कि आत्मनिर्भर भारत अभियान की छत्रछाया में उक्त योजना एक जिला एक उत्पाद के अपने लक्षित दृष्टिकोण के माध्यम से, मूल्य श्रृंखला विकास के लिए एक ढांचा प्रदान करेगी और प्रति जिले में एक अनोखे उत्पाद की पहचान करके आधारभूत संरचना को संरक्षित करेगी। कृषि-उपज, अनाज आधारित उत्पाद, और जिले में व्यापक रूप से उत्पादित खाद्य उत्पाद सहित खराब होने वाली वस्तुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैठक में बताया गया कि जिला को इस योजना के तहत एक डेयरी जिले के रूप में चिह्नित किया गया है। क्योंकि जिले में डेयरी क्षेत्र में जबरदस्त संभावना है। बैठक के दौरान बताया गया कि समिति की भूमिका और जिम्मेदारियां क्या हैं। जिला स्तर पर सभी संबंधित हितधारकों के सहयोग से जिला विशिष्ट निर्यात कार्य योजना तैयार की जाएगी।
बैठक में हुई चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि जिले में घी, पनीर, खोया इत्यादि सहित दूध और दूध से बने उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। उपायुक्त ने मुख्य कृषि अधिकारी को प्रति दिन जिले में उत्पादित दूध और उत्पादों की सही मात्रा जानने के लिए पशुपालन विभाग के संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क करने को कहा। उन्होंने समिति के संबंधित सदस्यों से काम करने के लिए कहा। बैठक में तय किए गए उत्पादों के प्रचार के लिए निकट समन्वय में और पहचान किए गए उत्पादों के साथ जिले को एक निर्यात केंद्र बनाने पर बल दिया गया।