राजोरी के पंजनाड़ा स्थित एक निजी स्कूल में हिंदू बच्ची को कलमा पढ़ाए जाने का वीडियो वायरल होने पर अभिभावकों व हिन्दू संगठनों ने विरोध जताया, जिसके बाद डीसी के आदेश पर शिक्षा विभाग ने जांच कमेटी गठित की। विवाद बढ़ते ही स्कूल प्रबंधन ने संबंधित मौलवी को बाहर कर दिया और भविष्य में ऐसी घटना न दोहराने का आश्वासन दिया।
पंजनाड़ा में स्थित निजी स्कूल स्टार इंस्टीट्यूट एजुकेशन मिशन में हिंदू बच्ची को कलमा पढ़ाया जा रहा था। वीडियो वायरल होने पर हिंदू संगठनों व अभिभावकों ने इस पर रोष जताया।
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उपायुक्त (डीसी) अभिषेक शर्मा के आदेश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) मोहम्मद हाफिज शेख ने आननफानन जांच के लिए टीम गठित कर मौके पर भेजा। उधर, मामला तूल पकड़ते ही स्कूल प्रबंधन ने मौलवी को बाहर निकाल दिया।
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कालाकोट शिक्षा जोन के स्कूल का एक वीडियो शुक्रवार को तेजी से वायरल होने लगा। इसमें दिखा कि यूकेजी में पढ़ने वाली एक बच्ची को कलमा पढ़ाया जा रहा था। डीसी के आदेश के बाद सीईओ ने हायर सेकेंडरी स्कूल काकोड़ा, हायर सेेकेंडरी स्कूल कालाकोट और मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल राजोरी को शामिल कर जांच टीम बना दी।
मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल मुस्लिम वाणी ने बताया कि टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। उधर, स्टार इंस्टीट्यूट एजुकेशन मिशन की प्रिंसिपल गजाला ने कहा कि उनके स्कूल में ऐसा पहली बार हुआ है। भविष्य में ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कलमा पढ़ाने वाले मौलवी को निकाल दिया गया है।