आजादी के कई वर्षों बाद भी राज्य के कई इलाके आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। ऐसा ही एक गांव राजोरी पुंछ राजमार्ग स्थित कल्लर क्षेत्र के पास स्थित है। चकली नाम के इस गांव की दस पंचायतों के हजारों लोग मौजूदा वक्त में कश्तियों के सहारे नदी को पार करते हैं।
नदी पर पुल बनाने का काम तो शुरू हुआ लेकिन फंड के अभाव में निर्माण कार्य अधर में लटका है। दरअसल चकली, अंद्रोला, कल्ल, कालीढाब आदि गांव के लोगों को राजमार्ग तक पहुंचने के लिए नदी पार करनी पड़ती है। ऐसे में पुल न होने से लोग कश्तियों के सहारे अपनी जान हथेली पर रख कर नदी पार करते हैं।
आलम यह है कि बारिश होने पर जब नदी का जलस्तर बढ़ जाता है तो सभी पंचायतों का संपर्क जिले से कट जाता है, क्योंकि उस वक्त नदी में कश्तियों का चल पाना संभव नहीं हो पाता। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस नदी को पार करने में सबसे ज्यादा दिक्कत मरीजों व छात्रों को होती है।
रोजाना सैकड़ों छात्र कश्ती के सहारे नदी पार करने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासी राजकुमार, ब्रजेश शर्मा, राकेश कुमार, आजम खान आदि ने बताया कि पुल का निमार्ण कार्य पिछले कई बर्षों से चल रहा है, लेकिन फंड के अभाव मेें पुल का काम अधर में लटका है।
वहीं इस संदर्भ में राजोरी एडीसी मुमताज चौधरी ने कहा कि वे पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए संबंधित विभाग से बात करेंगे। उनकी कोशिश रहेगी की जल्द से जल्द लोगों को पुल की सुविधा मुहैया करवाई जाए।