नौशेरा। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की तरफ से कालिका मिथ्यानी क्षेत्र में श्री हरि कथा सोमवार को भी जारी रही। साध्वी गौरी भारती ने हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को जड़ भरत जी की कथा सुनाई। कहा कि जड़ भरत जिस परमात्मा को प्राप्त करने के लिए वन की ओर निकले थे। उन्होंने गुरु के माध्यम से उस परमात्मा को प्राप्त कर लिया। उन्होंने कहा कि यदि हम भी जड़ भरत जी की तरह ईश्वर को प्राप्त करना चाहते हैं तो हमें भी आवश्यकता है, ऐसे गुरु की जो हमारे भी अंतःकरण में उस ईश्वर का साक्षात्कार करा दे।
उन्होंने बताया कि आज मानव प्रभु को मिलने के लिए तत्पर है लेकिन उसके पास प्रभु प्राप्ति का कोई साधन नहीं है। हमारे समस्त वेद शास्त्रों व धार्मिक ग्रंथों में यही लिखा है कि ब्रह्म ज्ञान की प्राप्ति के लिए ईश्वर का साक्षात्कार करने के लिए एक पूर्ण गुरु की शरणागति होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जब भी एक जीव परमात्मा की खोज में निकलता है तो वह सीधा ही ईश्वर को प्राप्त नहीं कर लेता उसे एक ब्रह्मनिष्ठ गुरु के सानिध्य में जाना ही पड़ता है।