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Rajouri News: जिला को नशा मुक्त बनाने के लिए समन्वित कार्रवाई पर जोर

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नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस : डीसी राजोेरी ने की एंटी-ड्रग अभियान की समीक्षा
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संवाद न्यूज एजेंसी


राजोेरी। जिला विकास आयुक्त राजोरी अभिषेक शर्मा ने नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने जिले में चलाए जा रहे एंटी-ड्रग अभियान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में नशा नियंत्रण से जुड़ी पहलों, रोकथाम उपायों, प्रवर्तन कार्रवाई और पुनर्वास तंत्र की प्रभावशीलता का विस्तार से आकलन किया गया।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ सक्रिय और परिणामोन्मुखी तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए ताकि जिले को नशे के खतरे से मुक्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी और नशाखोरी समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। इससे निपटने के लिए प्रशासन जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रहा है।
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डीसी ने विशेष रूप से नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास और उपचार व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रग्स से प्रभावित व्यक्तियों की समय पर पहचान सुनिश्चित की जाए। उन्हें उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से इलाज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर और एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी के कामकाज की भी समीक्षा की। उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग, प्रभावी काउंसिलिंग, चिकित्सकीय सहायता तथा पुनर्वास सेवाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
बैठक में डीसी ने चेतावनी दी कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी नशा तस्करी या इससे जुड़े किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ संबंधित कानूनों और सेवा नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन किसी भी स्तर पर ड्रग्स से जुड़े अपराधों को बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर, ड्रग पेडलरों के खिलाफ की गई कार्रवाई तथा नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी संपत्तियों पर चलाए गए ध्वस्तीकरण अभियानों का भी जायजा लिया।
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उन्होंने प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने, आपसी तालमेल बढ़ाने और अवैध ड्रग नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रखने के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें कानून प्रवर्तन एजेंसियों, स्वास्थ्य संस्थानों, शिक्षण संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और आम जनता की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने जागरुकता अभियानों को और तेज करने तथा समुदाय आधारित सहभागिता बढ़ाने पर बल देते हुए ड्रग-फ्री राजोेरी के लक्ष्य को सामूहिक प्रयासों से हासिल करने का आह्वान किया। बैठक में एसएसपी राजोेरी गौरव सिकरवार, एडीसी राजोेरी रवि कुमार सिहाग समेत अन्य अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।
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