राजोरी। सीमावर्ती जिला राजोरी में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए 100 प्रतिशत परिचालन तत्परता सुनिश्चित करने के मकसद से मंगलवार को 108 एम्बुलेंस बेड़े का एक उच्च-स्तरीय तकनीकी निरीक्षण और भौतिक सत्यापन किया गया। यह सत्यापन प्रक्रिया राजोरी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमएल राणा के पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम के साथ मिलकर पूरी की गई। इसमें प्रोग्राम मैनेजर आसिफ मीर, दंत चिकित्सा के लिए नोडल अधिकारी डॉ. गुलाम कादिर भट, डॉ. वसीम चौहान, डॉ. खालिक उल रहमान निरीक्षण के मुख्य फोकस क्षेत्र थे।
इस दौरान विशेष टीम ने एंबुलेंसों मे जीवन रक्षक उपकरण, ऑक्सीजन सिलिंडरों, वेंटिलेटरों और आपातकालीन दवा किटों का सत्यापन किया। साथ ही वाहन की फिटनेस के अलावा यांत्रिक मानकों और जीपीएस ट्रैकिंग कार्यक्षमता की जांच की गई। स्वच्छता और साफ-सफाई की जांच के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि सभी इकाइयां आवश्यक चिकित्सा-स्तरीय स्वच्छता प्रोटोकॉल को पूरा करती हैं। प्रतिक्रिया तत्परता: 108 सेवा के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी रोस्टर और संचार प्रोटोकॉल की समीक्षा की गई।
वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने संतुष्टि व्यक्त की और अस्पताल-पूर्व देखभाल के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। यह सुनिश्चित किया कि 108 आपातकालीन प्रतिक्रिया राजोरी के लोगों के लिए एक विश्वसनीय जीवनरेखा बनी रहे।