राजोरी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. एमएल राणा ने उप-जिला अस्पताल दरहाल का शनिवार रात 9:30 बजे औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पाया गया कि अस्पताल में दवा उपलब्ध होने के बावजूद मरीज को बाजार से दवाई खरीदकर लानी पड़ी। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मचारी ने उसे दवाई नहीं दी। इसके अलावा उप जिला अस्पताल में पैदा होने वाला बायो मेडिकल वेस्ट को एक स्थान पर जमा नहीं किया गया था। अस्पताल परिसर में ही इधर-उधर बायो मेडिकल वेस्ट के ढेर लगे देखे गए।
इसका सीएमओ ने कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने एक फार्मासिस्ट और एक मल्टी-टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) सदस्य पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की। दोनों का ढाई दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया।
सीएमओ डॉ. राणा ने निरीक्षण के दौरान आपातकालीन सेवाओं और वार्डों सहित विभिन्न अनुभागों की समीक्षा की। इसके अलावा अस्पताल की समग्र सफाई, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और कर्मचारियों की उपस्थिति का भी मूल्यांकन किया। बिजली बैकअप की समस्या को देखते हुए उन्होंने संबंधित इलेक्ट्रीशियन को सोमवार तक सिस्टम को कार्यात्मक बनाने के कड़े निर्देश जारी किए।
इसके अलावा सीएमओ डॉ. राणा ने अस्पताल के कर्मचारियों को एसडीएच दरहाल और सीएचसी थन्नामंडी में जोरदार सफाई अभियान चलाने को कहा। अस्पताल की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों के प्रदर्शन में समग्र सुधार पर संतोष व्यक्त करते हुए सीएमओ ने समुदाय को सेवा वितरण के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने के लिए समय की पाबंदी, नियमितता, ड्रेस कोड का पालन और अनुशासन बनाए रखने के महत्व पर बल दिया।
बता दें कि कुछ दिन पहले डीसी ने उप जिला अस्पताल दरहाल का औचक निरिक्षण किया था। इस दौरान डॉक्टरों और स्टाफ के गैर हाजिर रहने पर डीसी ने बीएमओ दरहाल डॉ. सज्जाद मिर्जा को सस्पेंड कर सीएमओ कार्यालय अटैच किया था। सीएमओ राजोरी डॉ. राणा को दरहाल बीएमओ का अतिरिक्त कार्यभार दिया था।