डीसी राजोरी आधी रात को जीएमसी राजोरी का औचक निरिक्षण करते हुए
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राजोरी। जीएमसी एवं एसोसिएटेड अस्पताल में रोगी देखभाल के पहले हाथ का मूल्यांकन करने के लिए और कार्य संस्कृति की समीक्षा करने के लिए डीसी नजीर शेख ने सोमवार की रात अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान निरीक्षण दल ने मरीजों के रजिस्टर, परीक्षण उपकरण, ईसीजी कक्ष, डायलिसिस यूनिट, वार्ड और वॉशरूम सहित कई खंडों की जांच की। अस्पताल में अनियमितताएं पाए जाने पर उपायुक्त ने एक डॉक्टर समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही चिकित्सा अधीक्षक को कारण बटाओ नोटिस जारी किया हैद्घ
उपायुक्त नजीर शेख अतिरिक्त उपायुक्त शेर सिंह, सहायक आयुक्त राजस्व मोहम्मद अशरफ, उप निदेशक योजना बिलाल मीर के साथ सोमवार की आधी रात को जीएमसी एवं एसोसिएटेड अस्पताल पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने मरीजों से बातचीत करके उन्हें दी जा रही सुविधाओं के बारे में पूछताछ की। निरीक्षण में सामने आया कि अस्पताल के आपातकालीन ब्लॉक में ड्यूटी पर एक डॉक्टर रात की ड्यूटी में पूरे अस्पताल में रोगी की देखभाल कर रहा था। संवेदनशील स्त्री रोग और विशेष नवजात देखभाल इकाई (एसएनसीयू) डॉक्टरों की अनुपस्थिति में सहायक कर्मचारियों द्वारा चलाया जा रहा था। अस्पताल के अधिकांश बाथरूम स्वच्छता स्तर के मामले में खराब स्थिति में मिले और आर्थोपेडिक वार्ड का बाथरूम बिना रोशनी के था। अधिकांश वार्डों में कोई ड्यूटी रोस्टर नहीं रखा गया, जबकि कुछ वार्डों में अपूर्ण ड्यूटी रोस्टर थे। रात में ब्लड बैंक और प्रयोगशाला अनुभाग एक कर्मचारी द्वारा चलाया जा रहा था, जबकि रात की ड्यूटी के लिए कोई ईसीजी तकनीशियन मौजूद नहीं था और एक पुरुष स्टाफ ईसीजी चला रहा था।
उपायुक्त ने निरीक्षण में मुख्य ईसीजी अनुभाग भी बंद पाया और सीटी स्कैन मशीन वर्षों से बेकार पड़ी देखी, जबकि डायलिसिस वार्डमें मशीनरी भी बंद पाई गई। निरीक्षण के दौरान यह भी पता चला कि कुछ अधिकारी ड्यूटी से अनुपस्थित हैं जबकि कुछ अन्य अधिकारी रोस्टर में उल्लिखित लोगों के स्थान पर ड्यूटी कर रहे थे। मरीजों ने परिचारकों के साथ शिकायत की कि अस्पताल में चूहे बड़े पैमाने पर हैं। इस बीच अधिकारियों की टीम ने भी चूहों अलग-अलग वार्डों में घूमते देखा।
ऐसे उदासीन रवैये का संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने एसएनसीयू में तैनात डॉ. रियाज अहमद और दो स्टाफ नर्स उमैरा राशिद और बिल्कीस खानम को निलंबित करने का आदेश दिया है। खराब कार्य के लिए अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। सभी अधिकारी बिना किसी एस्कॉर्ट और सहायक स्टाफ के रोगियों के बीच पहुंचे व निरीक्षण तीन घंटे तक चला।