जिले के दूर दराज के पहाड़ी क्षेत्रों में सरकारी राशन की भारी किल्लत को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। खास कर बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए तो भूखे मरने की नौबत बनी हुई है।
दाने-दाने के लिए मोहताज बाढ़ पीड़ित परिवारों ने राज्यपाल और जिला प्रशासन से जल्द समस्या के समाधान की गुहार लगाई है। मंगलवार को जिले की थन्नामंडी और मंजाकोट तहसीलों के सैकड़ों बाढ़ पीड़ित परिवारों ने राजोरी के पूर्व विधायक शब्बीर अहमद खान के नेतृत्व में डीसी से मुलाकात कर जल्द राशन प्रदान करने की मांग की।
इस अवसर पर पूर्व विधायक ने बताया कि जब तक राज्य में गठबंधन सरकार थी, कांग्रेस ने लोगों की समस्याओं का हमेशा हल किया था। लेकिन चुनाव होने के बाद लोगों को बिजली, पानी और सरकारी राशन जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए दर दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं।
उन्होंने बताया कि थन्नामंडी के मनयाल गली, पंगाई मंगोटा और मंजाकोट के गंभीर मुगलां, ककोड़ा, देरी रलयो आदि क्षेत्रों में पिछले वर्ष बाढ़ और बारिश ने जो तबाही मचाई थी, उसमें सैकड़ों परिवारों ने अपनी फसल वाली भूमि गंवा दी थी। अभी तक कई ऐसे परिवार हैं जो आज भी खुले आसमान के नीचे टेंट लगा कर रह रहे हैं। खाने-पीने के लिए दाने-दाने को मोहताज होना पड़ रहा है।