करीब चार दशकों से एसटी दर्जे की मांग कर रहे पहाड़ी भाषा बोलने वाले लाखों लोगों ने जन आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा कि यदि नई सरकार के गठन के बाद भी उन्हें एसटी दर्जा नहीं दिया गया तो वह आंदोलन की राह चुनेंगे।
शुक्रवार को आल जम्मू एंड कश्मीर पहाड़ी पीपुल्स मूवमेंट के बैनर तले पत्रकार वार्ता का आयोजन कर साफ कर दिया गया कि अब पहाड़ी और इंतजार नहीं करेंगे।
मूवमेंट के चेयरमैन शाहबाज मुगल ने पूर्व राज्य सरकार और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले चार दशकों से हमें मूर्ख बनाया जा रहा है।
जब भी चुनाव का समय आता है तो पहाड़ी लोगों को एसटी दर्जा देने का आश्वासन दिला कर वोट मांगे जाते हैं। लेकिन सत्ता में आते ही सब कुछ भूल जाते हैं।
पहाड़ी कल्चरल और वेलफेयर फोरम के प्रांतीय अध्यक्ष एमएस सागर और प्रांतीय महासचिव विजेय कोदड़ ने कहा कि 80 हजार के करीब पहाड़ी समुदाय के विद्यार्थी और ़डेढ़ लाख से भी अधिक पढ़े-लिखे बेरोजगार पहाड़ी युवा आंदोलन की राह पर चलने के लिए तैयार हैं।
पहाड़ियों के साथ हो रहे भेदभाव और पक्षपात को अब युवा और सहन नहीं करेंगे। इस अवसर पर मूवमेंट के प्रवक्ता एडवोकेट राजिंद्र मेहता ने कहा कि अब लड़ाई आरपार की होगी।