राजोरी। बुद्धल क्षेत्र के लिए अग्निशमन केंद्र की लंबे समय से चली आ रही मांग एक बार फिर उठाई जा रही है। हाल ही में कोटरंका के लिए स्वीकृत अग्निशमन केंद्र के स्थानांतरण ने इस मांग को और बढ़ा दिया है। कई वर्षों से बुद्धल निवासी तत्काल अग्निशमन केंद्र की मांग कर रहे हैं। अग्निशमन केंद्र न होने से यहां के लोगों को आपात स्थिति के दौरान खुद की देखभाल करने के लिए छोड़ दिया जाता है। दूर के स्थानों से आपातकालीन सेवाओं के पहुंचने में लगने वाला समय लोगों के जीवन पर भारी पड़ता है।
हाल ही में सरकार ने कोटरंका के लिए अग्निशमन केंद्र को मंजूरी दी थी, जिसे एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा गया। हालांकि इसकी स्थापना के छह महीने बाद ही अज्ञात कारणों से इसे स्थानांतरित कर दिया गया। इससे बुद्धल और कोटरंका के लोगों के साथ अन्याय हुआ। सामाजिक कार्यकर्ता जैद सागर, मुश्ताक अहमद, मोहम्मद इकबाल, दर्शन सिंह और विजय आदि लोगों ने अधिकारियों से न केवल कोटरंका में, बल्कि बुद्धल में एक नया अग्निशमन केंद्र भी स्वीकृत करने की अपील की है। लोगों का मानना है कि इससे दोनों क्षेत्रों के सभी लोगों को लाभ होगा। जैद सागर ने कहा कि बुद्धल और कोटरंका के लोग सुरक्षा के अपने मूल अधिकार की मांग कर रहे हैं।