राजोरी के बड्डाल गांव में 17 रहस्यमयी मौतों का राज बरकरार है। पिछले चार माह से अधिक समय (125 दिन) बीत जाने के बाद भी देशभर की जांच एजेंसियां अभी किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाई हैं। बड्डाल में वर्तमान में हालात सामान्य हैं, लेकिन अपनों को खोने का दर्द भी दिल में है। इन मासूमों को किसने जहर दिया, कहां से लाया गया, ऐसे कई सवाल जवाब मांग रहे हैं। बड्डाल सहित पूरे प्रदेश के लोग इन संदिग्ध मौतों के रहस्य से पर्दा उठने का इंतजार कर रहे हैं।
विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री सकीना इट्टू ने जानकारी दी थी कि देशभर की प्रतिष्ठित प्रयोगशालाओं में बड्डाल से भेजे गए सैकड़ों नमूनों में अलग अलग कीटनाशक मिले थे। लेकिन सीएफएसएल, चंडीगढ़ में सभी 17 मृतकों के विसरा नमूनों में क्लोरफेनेपायर (कीटनाशक) पाया गया था, जिससे साफ था कि सभी की मौत जहरीले कीटनाशक से हुई है।
विधानसभा में इस पूरे घटनाक्रम की सीबीआई से जांच करवाने की मांग की गई थी, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री ने तर्क दिया था कि अभी कुछ रिपोर्ट आना बाकी है और सही दिशा में जांच चल रही है। मगर चार माह बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल पाने से मायूसी है। घटनाक्रम से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी जांच चल रही है।