राजोरी में कूड़ेदान में जलता कूड़ा।
राजोरी। नगर पालिका क्षेत्र में रखे डस्टबिन में कचरा जलाना आम बात हो गई है। इसमें प्लास्टिक, कांच और अन्य अपशिष्ट शामिल हैं। क्षेत्र में रासायनिक, जैविक और जहरीला प्रदूषण फैल रहा है। जो कुछ वर्षों से महसूस किया जा रहा है। सामाजिक संस्था संघर्ष के जिला समन्वयक शैदा मकसूद साबरी ने चिंता व्यक्त करते हुए इस पर तत्काल रोक की मांग की है।
उन्होंने कहा कि जब अपशिष्ट पदार्थ और प्लास्टिक को खुले मेें जलाया जाता है, तो प्रदूषित कण बूंदों के रूप में हवा और पानी के साथ मिल जाते हैं और प्रदूषण का कारण बनते हैं। कचरे और अपशिष्ट पदार्थों के खुले में जलने से स्वस्थ जीवन शैली को खतरा होता है। ये पानी की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। कचरा जलाना एक दिन की कहानी नहीं है, हर दिन हर नुक्कड़ पर इसे देखा जा सकता है। कहा, कि नगर पालिका ने आवासीय क्षेत्रों में यह कूड़ेदान रखे हैं।
संस्था की प्रवक्ता प्रिया शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन और नगर पालिका के अधिकारी बढ़ते प्रदूषण को लेकर गंभीर नहीं हैं। इस कचरे को नष्ट करने के लिए कोई योजना तैयार करने के बजाय इसे खुला छोड़ दिया गया है। इस खुली जलन जहां एक तरफ बदबू फैलाती है वहीं कई जानलेवा स्वास्थ्य खतरों और वायरस का कारण भी बन सकती है। प्रशासन को इस पर विचार करने और तत्काल प्रभाव से कचरे के खुले में जलने को रोकने की जरूरत है।