प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार देर शाम क्षेत्र में आक्रामक कुत्तों ने कई लोगों को अपना निशाना बनाया। कुत्तों के काटने से घायल हुए लोगों में वकार अहमद (17), पुत्र मंजूर हुसैन निवासी बड्डाल; स्वर्ण सिंह (20) पुत्र मनमेश सिंह निवासी कोटरंका; जन मोहम्मद (60), पुत्र हाजी गुलाम मोहम्मद निवासी कोटरंका; बलजीत सिंह पुत्र चरणजीत सिंह, निवासी आर.एस. पुरा, जो जम्मू-कश्मीर पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं; जफ्फर इकबाल (17) पुत्र मोहम्मद जमील निवासी कोटरंका; अमीन शाह (48), पुत्र सत्तार शाह निवासी सियारी; फूलो (45) पुत्र शेर अली, तालिब हुसैन (30) पुत्र अब्दुल राशिद निवासी कोटरंका तथा मोहम्मद शफीक (30) पुत्र मोहम्मद अमीन निवासी गुरा सरकारी शामिल हैं।कुत्तों के हमलों की सूचना सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ रही है और कुछ कुत्ते बेहद आक्रामक व्यवहार कर रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे कुत्तों को तत्काल नियंत्रित किया जाए तथा रेबीज संदिग्ध कुत्तों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
आठ पंचायतों के विद्यार्थियों को स्कूल नहीं भेजने के निर्देशकुत्तों के आतंक को देखते हुए शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए सोमवार, 10 अगस्त 2026, को कोटरंका क्षेत्र की आठ पंचायतों से संबंधित विद्यार्थियों के लिए स्कूल बंद रखने का एहतियाती निर्णय लिया।
जोनल एजुकेशन प्लानिंग ऑफिसर कोटरंका की ओर से सोमवार तड़के जारी निर्देश के अनुसार जगलानू, मोहड़ा-ए, मोहड़ा-बी, हुब्बी, लरकूती, कंडी अपर, कंडी लोअर और खड़यून पंचायतों के क्षेत्रों से संबंधित विद्यार्थियों को सोमवार को स्कूल नहीं भेजने के लिए कहा गया।निर्देश में संबंधित क्षेत्रों के सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों, मुख्याध्यापकों और शिक्षकों को विद्यार्थियों के अभिभावकों एवं संरक्षकों को तत्काल सूचित करने के निर्देश दिए गए। विभाग ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं कल्याण को ध्यान में रखते हुए एहतियाती तौर पर लिया गया है।
बच्चों को घरों में सुरक्षित रहने की सलाहशिक्षा विभाग ने स्कूल प्रमुखों और संबंधित अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने को कहा है। मामले को अति आवश्यक बताते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा गया है।
वहीं, अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को अकेले बाहर न जाने दें और क्षेत्र में घूम रहे संदिग्ध अथवा आक्रामक कुत्तों से दूर रखें।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा और रेबीज संदिग्ध कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए तत्काल अभियान चलाया जाए, ताकि लोगों, विशेषकर बच्चों के लिए किसी बड़े खतरे को टाला जा सके।
कुत्तों को पकड़ने और टीकाकरण के लिए पुलिस
राजोरी जिले के कोटरंका तहसील मुख्यालय और आसपास के इलाकों में आवारा एवं रेबीज संदिग्ध खूंखार कुत्तों के आतंक को देखते हुए प्रशासन ने गंभीरता से कदम उठाते हुए संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम/एडीसी) कोटरंका दिल मीर की ओर से सोमवार को जारी आदेश में कहा गया है कि कोटरंका मुख्यालय और आसपास एक-दो संदिग्ध रेबीज/खूंखार आवारा कुत्ते घूम रहे हैं, जिन्होंने कई लोगों पर हमला किया है। प्रशासन ने आदेश में कहा कि उक्त कुत्ते अभी भी इलाके में खुलेआम घूम रहे हैं और आम लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। इनसे विशेष रूप से स्कूल जाने वाले बच्चों को खतरा है, जिसके चलते क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल पैदा हो गया है।
एहतियात के तौर पर स्कूल बंद
लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोटरंका तथा आसपास की पंचायतों के स्कूलों को एहतियाती तौर पर बंद किया गया है, जोकि मंगलवार को भी बंद ही रहेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कदम बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए उठाया गया है, ताकि कुत्तों के हमलों की कोई और घटना न हो।
पुलिस को कुत्तों को पकड़ने के निर्देश
जारी आदेश में कंडी पुलिस थाना प्रभारी को पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को सीआरपीएफ तथा संबंधित वीडीजी सदस्यों/स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर संदिग्ध रेबीज एवं खूंखार कुत्तों को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से पकड़ने या काबू में करने के लिए कार्रवाई करने को कहा गया है। इस कार्रवाई के दौरान लागू नियमों और पशु कल्याण संबंधी निर्धारित प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं