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डीएम राजोरी ने प्रशिक्षित सेवानिवृत्त और बेरोजगार स्वास्थ्य कर्मियों से मांगी मदद

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राजोरी। जिले में कोरोना से अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है। 1800 के करीब संक्रमित मामलों के साथ राजोेरी जिला जम्मू संभाग में दूसरे नंबर पर है। राजोरी में 77 मरीज जीएमसी के आइसोलेशन और आईसीयू वार्ड में उपचाराधीन हैं। इनमें से 75 ऑक्सीजन स्पोर्ट पर हैं और एक आईसीयू में भर्ती है।
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बीते सात दिन से कोरोना संक्रमित लगातार बढ़ रहे हैं और बड़ी संख्या में हेल्थ केयर वर्कर्स संक्रमित हुए हैं। इन सब को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सेवानिवृत्त और बेरोजगार स्वास्थ्य कर्मियों से मदद मांगी है। दूरदराज के क्षेत्रों में अधिकतम स्वास्थ्य केंद्र और यहां तक कि सरकारी मेडिकल कॉलेज और एसोसिएटेड अस्पताल (जीएमसी एंड एएच) राजोरी उपजिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचएस) में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की कमी है। नए कोविड स्ट्रेन से कई डॉक्टरों, फार्मासिस्टों, एफएमपीएचडब्ल्यू के पॉजिटिव पाए जाने से जिला प्रशासन के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की भी परेशानी बढ़ गई है। जीएमसी में कोविड रोगियों की भीड़ से निपटने में समस्या आ रही है। जीएमसी पर बोझ को कम करने के लिए जिला प्रशासन ने सुंदरबनी, नौशेरा, कालाकोट, दरहाल, कंडी और मंजाकोट स्वास्थ्य ब्लॉकों में कोविड केयर सेंटर (सीसीसी) स्थापित करने का निर्णय लिया है। जो लोग किराए के आवास में रह रहे हैं और होम आइसोलेशन में रह रहे ऐसे मरीज जिनको घरों में कोई आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, उन रोगियों को इन कोविड केयर सेंटर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
जैसा कि स्वास्थ्य विभाग पहले से ही प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी का सामना कर रहा है और साथ ही डॉक्टर और अन्य कई कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो रहे हैं और ऐसे में जिला प्रशासन को इन सीसीसी को चलाने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता है।
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जिला प्रशासन ने सभी बेरोजगार, योग्य, सेवानिवृत्त स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मियों से अपील की है कि वे कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने के लिए आगे आएं।
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