जिले की सुरनकोट तहसील में स्थित धार्मिक स्थल बैराम गल्ला मंदिर के लिए जाने वाले कच्चे रास्ते की खस्ता हालत से मंदिर में आने वाले भक्तों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस मामले में रोष प्रकट करते हुए विश्व हिन्दू परिषद ने जिला प्रशासन एंव राज्य सरकार से एेतिहासिक स्थल तक पक्की सड़क बनवाने की मांग करते हुए इस बात पर रोष जताया है कि ऐतिहासिक धर्म स्थल होने और पर्यटन स्थल नूरी छम्ब के निकट होने के बाद भी बरसों बीत जाने के बाद भी इस क्षेत्र की तरफ किसी प्रकार का कोई ध्यान नहीं दिया गया है और न ही कोई विकास कार्य नहीं हुआ है।
संगठन के पदाधिकारियों सौरभ शर्मा, हरिस्वरूप और निशू गुप्ता ने कहा कि हमें इस बात का बहुत दुख है कि बैराम गल्ला जैसे ऐतिहासिक धर्म स्थल तक पहुंचने के लिए आज भी भक्तों को कच्चे, पथरीले और उबड़ खाबड़ मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है, जिसके चलते इस मंदिर में आने वाले भक्तों को काफी परेशानियों का समाना करना पड़ता है।
उन्होंने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि वह इस ऐतिहासिक एंव पर्यटन स्थल मुगल रोड पर स्थित बैराम गल्ला गांव से मंदिर तक के करीब एक किलो मीटर लम्बे कच्चे मार्ग के स्थान पर पक् की सड़क का निर्माण करवाए।
अगर ऐसा न किया गया तो भविष्य में आंदोलन एवं संघर्ष का मार्ग अपनाएंगे। पांचाल पहाड़ी श्रंखला की तलहटी में स्थित बैराम गल्ला मंदिर गिरी साधुओं का सदियों पुराना आश्रम एंव शिवालय मंदिर है। मंदिर में दिल्ली, हरियाण, राजस्थान और बंगाल से भक्त आते हैं।