संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। जिला प्रशासन ने जनजाति गौरव दिवस समारोह के तहत मंगलवार को जिला स्तरीय समारोह का आयोजन किया। समारोह की अध्यक्षता डीडीसी अध्यक्ष चौधरी नसीम लियाकत ने की, जबकि उपायुक्त विकास कुंडल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोहम्मद असलम, एडीसी सचिन देव सिंह और बड़ी संख्या में सामाजिक समाज के सदस्यों ने भाग लिया।
वक्ताओं ने देश की आजादी के लिए आदिवासी नायकों द्वारा दिए गए महान और अमूल्य योगदान के बारे में विस्तार से बात की। उपायुक्त ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और राष्ट्रीय गौरव, वीरता और आतिथ्य के भारतीय मूल्यों को बढ़ावा देने में आदिवासी समुदाय के प्रयासों को मान्यता देने के लिए जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाता है। डीसी ने कहा कि आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़े पैमाने पर कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की जा रही है, जिन्हें भारत के स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायक माना जाता है।
डीसी ने कहा कि गुरधन बल्ला और हुब्बी में आदिवासी छात्रों के लिए दो ईएमआर का निर्माण किया जा रहा है। आदिवासी आबादी के लिए आदिवासी पारगमन आवास सुविधाओं के लिए केसरी हिल (कोटरंका) और थन्नामंडी में आधारशिला रखी गई है, जो निर्माणाधीन हैं और एक बार प्रवासी आबादी के लिए उपयोगी साबित होगा।
डीडीसी अध्यक्ष चौधरी नसीम लियाकत ने कहा कि जनजाति गौरव दिवस प्रतिष्ठित आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की जयंती को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है। सरकार आदिवासी समुदाय को सशक्त बनाने पर बहुत जोर दे रही है ताकि वे स्वाभिमान और गरिमा का जीवन जी सकें। कार्यक्रम में 13 वर्षीय अन्ना राशिद की लिखित रेनड्रॉप्स ऑन माई पेन नामक कविता संग्रह पुस्तक का विमोचन किया गया।