श्रीमद् भागवत कथा सुनते श्रद्धालु व कथा करते हुए
नौशेरा। शिव मंदिर हजाना में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में संतोष दास मुनि ने कहा कि भगवान के स्वरूप का दर्शन होने से भगवान प्रकट हो जाते हैं। जहां हरि कथा होती है शास्त्रों से शिक्षा मिलती है। शास्त्रों की शिक्षा धारण होने से प्रभु की भक्ति मिलती है। भगवान की भक्ति मिलने से मानव का कल्याण होता है। भगवान मानव से मात्र 3 पग दूर हैं।
अयोध्या से पधारे कथावाचक आचार्य राजीव लोचन दास कहा कि भगवान की कथा सच्चे मन से सुनने से मानव का कल्याण होता है। ज्ञान की प्राप्ति होती है। ज्ञान की प्राप्ति से भक्ति प्राप्त होती है। कथा में पहुंचे एडीसी सुखदेव सिंह ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा बड़े भाग्य से सुनने का अवसर मिलता है। उस प्रभु की कृपा होने पर ही प्रभु की कथा में इंसान पहुंच पाता है। एडीसी ने बताया कि समाज में अभी भी बहुत सी बुराइयां हैं। आजकल के मां-बाप बच्चों को मोबाइल थमा देते हैं। इसमें वह सारा कचरा है जो बच्चों को बुरे रास्ते पर लाता है। इसलिए मां-बाप को चाहिए कि बच्चों को मोबाइल ना दें ताकि उनका भविष्य पर असर ना पड़े। इस मौके पर ब्राह्मण सभा के प्रधान पंडित नरेंद्र शर्मा, सरपंच इंदरजीत सिंह, अरविंदर सिंह, पूर्व प्रधान रुपेश साहनी आदि मौजूद रहे।