फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सकारात्मक परिवर्तन के लिए ब्रह्म ज्ञान आवश्यक

विज्ञापन
विज्ञापन
नौशेरा। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की तरफ से रघुनाथ मंदिर में चल रही सुंदरकांड कथा में आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सुमेधा भारती ने बताया कि हनुमान जी माता सीता की खोज में सौ योजन के समुद्र को पार करते हुए लंका की तरफ बढ़ते हैं। मार्ग में कहीं आलस्य रूपी मैनाक पर्वत तो कहीं सुरसा रूपी तृष्णा उनके मार्ग की बाधा बनी। उसके पश्चात हनुमान जी की भेंट लंकिनी से होती है। हनुमान जी के द्वारा लंकिनी को सत्संग प्रदान किया जाता है।
विज्ञापन

कथा वाचक ने कहा कि सत्संग भाव सत्य को जानना, सत्य का संग करना अर्थात अंतर घट में पूर्ण सतगुरु के द्वारा ईश्वर दर्शन प्राप्त करना सत्संग कहलाता है। जिस प्रकार से हनुमान जी जैसे पूर्ण संत के द्वारा ईश्वर दर्शन प्राप्त कर लंकिनी का जीवन भी परिवर्तित हो गया। इसी प्रकार से मानव जीवन या समाज में सकारात्मक परिवर्तन हेतु ब्रह्म ज्ञान नितांत आवश्यक है। कथा के दौरान स्वामी हरिदासानंद, स्वामी सुचेतानंद, सनातन धर्म सभा प्रधान जगदीश साहनी, व्यापार मंडल प्रधान सुभाष कपूर, म्यूनिसिपल कमेटी प्रधान चेयरमैन नरेंद्र शर्मा, श्याम मुरारी वर्मा इत्यादि भी विशेष तौर पर उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें