राजोरी। जिला प्रशासन ने चालू वित्त वर्ष के दौरान 5500 से अधिक बंकरों और 200 सामुदायिक हॉलों के साथ-साथ सीमावर्ती भवनों के निर्माण के लिए प्रक्रिया शुरू की है, जिसके प्रस्ताव को राज्य सरकार और गृह मंत्रालय द्वारा अनुमोदित कर दिया है।
लगातार संघर्ष विराम के उल्लंघन के चलते सीमावर्ती निवासियों के लिए पारिवारिक बंकरों, सामुदायिक बंकरों, सामुदायिक हॉलों और सीमावर्ती भवनों के निर्माण की शुरूआत की व्यवस्था की समीक्षा करने के मकसद से डीसी डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी की अध्यक्षता में बैठक हुई। डीसी ने बताया कि नियंत्रण रेखा के 120 किमी. के दायरे में जिले के 7 ब्लॉकों सुंदरबनी, किला दरहाल, नौशेरा, ढुंगी, राजोरी, पंजाग्राई और मंजाकोट में कुल 5196 बंकरों का निर्माण किया जाएगा। डीसी के अनुसार संघर्ष विराम के उल्लंघन के दौरान लोगों के आवास के लिए नियंत्रण रेखा से 0-3 किमी दूरी पर स्थित गांवों में 260 से अधिक समुदाय बंकरों और 160 सामुदायिक हॉल का निर्माण भी किया जाएगा। इतना ही नहीं सुंदरबनी, नौशेरा, ढुंगी राजोरी और मंजाकोट के सुरक्षित क्षेत्रों में 10,000 से अधिक लोगों को समायोजित करने के लिए सीमा भवन का निर्माण किया जाएगा।
डीसी ने बताया कि एलओसी से 0-3 किलोमीटर रेंज में रहने वाले प्रत्येक परिवार को परियोजना के पहले चरण के दौरान एक व्यक्तिगत परिवार बंकर प्रदान किया जाएगा, जबकि समुदाय, बंकरों और हॉलों का निर्माण स्कूलों, अस्पतालों, पुलिस स्टेशनों व अन्य सरकारी भवनों के आस पास किया जाएगा। बैठक के दौरान तहसीलदारों को निर्देश दिया गया कि वे क्षेत्र और खसरा संख्या के साथ-साथ राजस्व रिकॉर्ड में प्रवेश के बाद निष्पादित करने वाली एजेंसियों को जमीन सौंप दें ताकि जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। डीसी ने बताया कि गृह मंत्रालय के दिशा निर्देश के अनुसार ब्लॉक स्तर परियोजनाओं के रूप में बंकरों के निर्माण के लिए डिजाइन की गई टेंडरिंग प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर शुरू होगी और प्रक्रिया एक माह के भीतर पूरी की जाएगी, जिसके बाद बंकरों और सामुदायिक हॉल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। राजस्व, ग्रामीण विकास विभाग, पुलिस और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम सीमा सुरक्षा बल से सक्रिय सहयोग के साथ निरीक्षण, शारीरिक सत्यापन और निगरानी आयोजित करेगी।
परियोजना को 153.60 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर निष्पादित और पूरा किया जाएगा और यह परियोजना सीमावर्ती बेल्ट में हजारों लोगों के लिए भी रोजगार पैदा करेगी। बैठक में एसएसपी जुगल मनहास, एसीडी अख्तर हुसैन काजी, एसीआर अब्दुल कयूम मीर, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी एमए रैना, डीपीओ डॉ. अब्दुल खबीर, डीआईओ मोहम्मद शफायत और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।