अमर उजाला ब्यूरो
राजोरी। राजोरी शहर से सटे टंडवाल इलाके में शनिवार को विवादित भूमि पर एक बच्चे के शव को दफनाने का प्रयास करने पर दो समुदायों में टकराव हो गया। एक पक्ष ने अल्पसंख्यक समुदाय पर हमला कर दिया। इससे महिला सहित तीन लोग घायल हो गए। उसके बाद स्थिति विस्फोटक हो गई। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़ गए, जिससे दर्जन भर लोगों को मामूली चोटें भी आईं।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब 11 बजे शहर के पीरकांजू इलाके के कुछ लोग एक बच्चे के शव को दफन करने के लिए टंडवाल स्थित एक विवादित भूमि पर ले गए। टंडवाल वासियों ने विवादित भूमि को कब्रिस्तान बनाने का विरोध शुरू कर दिया। इसी बीच दोनों समुदाय में पहले कहा-सुनी हुई और फिर बात मारपीट तक पहुंच गई। टंडवाल निवासी कुछ लोगों ने बताया कि बहुसंख्यक समुदाय के लोगों ने सोची-समझी साजिश के तहत अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर हमला किया है। कुछ युवकों ने लाठी से एक महिला और दो अन्य लोगों पर वार कर उन्हें घायल कर दिया। इस हमले में प्रेम लता पत्नि पूर्ण शर्मा के सर पर गहरी चोट आई, जिससे वह बेहोश हो गई। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। हालांकि हालत तत्काल स्थिर बताई जा रही है। उन्होंने बताया कि उक्त भूमि पर अल्पसंख्यक समुदाय का एक देवस्थान है तो वहां कब्रिस्तान कैसे बन सकता है।
तनाव की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन का बड़ा दल मौके पर पहुंच कर स्थिति संभालने की कोशिश शुरू की। एएसपी राजोरी यूसुफ चौधरी, एडीसी राजोरी ठाकुर शेर सिंह, एसीआर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट कयूम मीर, डीएसपी हेडक्वार्टर, डीएसपी ऑपरेशन और एसएचओ राजोरी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बहुसंख्यक समुदाय के लोगों ने बताया कि यह भूमि कई दशक से कब्रिस्तान की भूमि है। वर्षों पहले यहां लोगों के शवों को दफन किया जाता था। उनके पास भूमि कब्रिस्तान की भूमि होने के पूरे दस्तावेज मौजूद हैं, लेकिन बहुसंख्यक समुदाय के इस तर्क को अल्पसंख्यक समुदाय के लोग नहीं मान रहे थे। करीब तीन घंटे माथापच्ची के बाद भी मामला शांत करने के प्रयास विफल रहे। हालात को बिगड़ते देख अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट राजोरी ने विवादित भूमि को धारा 145 के तहत एसएचओ राजोरी के हवाले कर दिया। आदेश में लिखा कि जब तक पूरी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक भूमि पुलिस के कब्जे में रहेगी। एडीएम के आदेश पर बहुसंख्यक समुदाय के लोग भड़क गए और अल्पसंख्यक समुदाय पर लाठियां व पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। पुलिस व प्रशासन के खिलाफ जम कर नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और हवाई फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की इस कार्रवाई में दोनों समुदायों के दर्जन भर लोगों को चोटें आई। उसके बाद बहुसंख्यक समुदाय के लोग शहर के मुख्य बाजार पहुंचे व बाजार को बंद करवाना शुरू कर दिया। समाचार लिखे जाने तक शहर व टंडवाल इलाके में हालात तनावपूर्ण थे।