राजोरी। कोविड से लड़ाई में अपने प्रयासों को जारी रखते हुए सेना ने गुज्जर और बक्करवालों के पशुओं के लिए पशु चिकित्सा डॉक्टरों के सहयोग से पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। बुद्धल क्षेत्र के पीर पंजाल रेंज में सेना के चिकित्सा अधिकारी और जिले के पशु चिकित्सक विकास खजूरिया और गुलाब सिंह की टीम प्रवासियों की बस्तियों में गई और घर-घर चिकित्सा प्रदान की।
चिकित्सा शिविर में कुल सौ पुरूषों, 80 महिलाओं, गुज्जर और बक्करवाल परिवारों के 34 बच्चों, तीन सौ भेड़-बकरियों, 40 घोड़ों और 183 भैंसों को दवाएं दी गईं। पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन मुख्य रूप से गुज्जर और बक्करवाल समुदाय के पाले मवेशियों की चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से किया गया था। आमतौर पर, इन प्रवासी परिवारों और उनके पशुओं को प्रवास के दौरान चिकित्सा संबंधी बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हालांकि, मोबाइल कैंप ने इन जरूरतमंद गुज्जरों और बक्करवालों को घाटी की ओर उनकी आगे की यात्रा के लिए तैयार करने में बहुत मदद की। इस कैंप के दौरान बच्चों के लिए स्टेशनरी का सामान भी बांटा गया। इस आयोजन ने कोविड संरक्षण और टीकाकरण के महत्व पर जनता के बीच जागरूकता फैलाने का अवसर भी दिया।