राजोरी। जिले में 24 घंटे में कोरोना संक्रमण से एक महिला की मौत हो गई है। जबकि 75 नए मामले सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार थन्ना मंडी तहसील की बहरोट निवासी महिला को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद कुछ दिन पहले जीएमसी राजोरी में भर्ती किया गया था। बुधवार को सुबह महिला ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
बता दें कि उक्त मृतक महिला के पति सेवानिवृत्त फॉरेस्टर थे। उनकी भी तीन दिन पहले कोरोना से ही मौत हुई थी। बुधवार को जिले में कोरोना संक्रमित 75 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से राजोरी के कालाकोट ब्लॉक से 6 कंडी ब्लॉक से 13, दरहाल से 28 सुंदरबनी से दो नौशेरा से 9 और राजोरी से 17 लोगों को पॉजिटिव पाया गया है। कोरोना संक्रमण की जांच करने के मकसद से स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें कोरोना सैंपलिंग और टेस्टिंग का काम भी कर रही हैं।
उपायुक्त राजेश कुमार शवण ने बुधवार को दो और क्षेत्रों को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित कर पाबंदियां लगा दी। उन्होंने थन्नामंडी और दरहाल की एक पंचायत को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित कर आने-जाने पर पाबंदी लगाते हुए उनको घरों में अंदर रहने की सलाह दी है। वहीं उपायुक्त ने जिले में कोविड-19 की स्थिति के संबंध में बताया कि कोरोना पॉजिटिविटी दर में उल्लेखनीय बदलाव आया है। अब ये 10 प्रतिशत से घटकर 2.80 प्रतिशत हो गया है। इस कम पॉजिटिविटी दर का श्रेय जनता को जाता है। क्योंकि उन्होंने सच्ची भावना में कोविड-19 प्रतिबंधों का पालन किया है।
उपायुक्त ने बताया कि वर्तमान में जीएमसी राजोरी में 69 कोविड रोगी उपचार प्राप्त कर रहे हैं। बाकी ठीक हो गए हैं। कोविड के बाद की जटिलताओं की संभावना है, इसलिए रोगियों से अनुरोध है कि वे ठीक होने के बाद भी कोविड से संबंधित प्रोटोकॉल का पालन करते रहें।
उपायुक्त ने बताया कि सोमवार से ऑड इवन आधार पर 50 प्रतिशत बाजार खुले हैं। उन्होंने जनता से बाजार का दौरा करते समय कोविड के उचित व्यवहार का पालन करने का आग्रह किया। सभी दुकानदारों और उनके कर्मचारियों से खुद को कोविड-19 का टीका लगवाने का आग्रह किया और बिना टीकाकरण के दुकानों में काम करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
उपायुक्त ने कहा कि जीएमसी में 1000 एलपीएम क्षमता का एक ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर प्लांट काम कर रहा है और 750 एलपीएम क्षमता के अतिरिक्त ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर प्लांट पर काम चल रहा है। जिले में मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति में कोई कमी नहीं है। उपराज्यपाल के निर्देशानुसार जिले की प्रत्येक पंचायत में पांच बिस्तरों वाले कोविड केयर सेंटर स्थापित किए गए हैं, ताकि आम जनता को घर-घर जाकर कोविड से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने जनता से अपील की कि यदि उनके घरों में पर्याप्त जगह नहीं है तो वे पंचायत कोविड देखभाल केंद्रों का दौरा करें।