राजोेरी। जिला प्रशासन ने नागरिक-सैन्य संपर्क को मजबूत करने और सेवारत और पूर्व सैनिकों दोनों स्तरों के जवानों और अधिकारियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए कौमी भावना पहल शुरू की है। इसके अंतर्गत उपायुक्त राजेश कुमार शवन ने लाम स्थित सेना बटालियन शिविर का दौरा किया और कमांडिंग ऑफिसर कर्नल नारेन और उनकी टीम के साथ बातचीत की।
राजेश कुमार ने लाम में इस यूनिट के साथ एक रात बिताई और सभी अनुभव साझा किए। साथ ही अधिकारियों के साथ सीमा क्षेत्र के विकास के रोडमैप पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि यूनिट विशेष रूप से कोविड के समय में लोगों की मदद के लिए सराहनीय कार्य कर रही है। सेना ने महामारी के दौरान कोविड टीकाकरण और एलओसी के पास के गांवों में विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित करने के साथ साथ महामारी को लेकर जागरूकता फैलाने में प्रमुख भूमिका निभाई है।
सीमा क्षेत्र के अपने दौरे के दौरान उपायुक्त ने ग्रेफ के अधिकारियों और परिवारों के साथ भी बातचीत की, जो सड़क संपर्क को चालू रखने के लिए चौबीसों घंटे काम करते हैं और राष्ट्र निर्माण में योगदान देते हैं। उन्होंने फेसबुक लाइव कार्यक्रमों के माध्यम से पूर्व सैनिकों को भी संबोधित किया और उनसे सक्रिय सेवा में राष्ट्र की सेवा के दौरान प्राप्त अपने अनुभव के आधार पर प्रत्येक गांव में विकास प्रक्रिया में योगदान देने की अपील की। इसके अलावा 17 हजार महिलाओं सहित 40 हजार युवाओं को भी पंजीकृत किया गया है, और उन्हें फेसबुक के माध्यम से संबोधित किया गया है।
क्या है कौमी भावना पहल
प्रशासन ने कौमी भावना नामक एक अनूठी पहल की शुरुआत की है, जिसमें उपायुक्त दूरदराज स्थानों का दौरा करते हैं, और जवानों और अधिकारियों के साथ बातचीत करते हैं। उनके कामकाज और समस्याओं का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करने के लिए उनके साथ रहते हैं। राजोेरी के उपायुक्त राजेश कुमार शवन ने इस संबंध में बताया कि शांति और विकास के मिशन को अंजाम देने और राष्ट्रीय भावना को प्रदर्शित करने के लिए इस पहल का नाम कौमी भावना रखा गया है।