राजोरी। स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने और पर्यटन के विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने पर्यटन निदेशालय के साथ मिलकर जश्न-ए-राजोेरी कार्यक्रम का आयोजन करवाया। उपायुक्त राजोेरी राजेश के शवन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे।
जम्मू-कश्मीर के अलावा विभिन्न हिस्सों के साथ पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कलाकारों ने इस कार्यक्रम में अपनी कला का प्रदर्शन किया। स्थानीय कलाकारों ने गोजरी, पहाड़ी और डोगरी में प्रस्तुति दी। बैठक के दौरान पीर पंजाल क्षेत्र की सुंदरता और पर्यटन क्षमता को दर्शाने वाली वीडियो को दिखाया गया। जिले में कार्यान्वित की जा रही कई योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में प्रतिभागियों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए बागवानी, पर्यटन, हस्तशिल्प, हथकरघा और अन्य सहित विभिन्न विभागों के संसाधन व्यक्तियों ने अपने स्टॉल लगाए थे। सभी को इसका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
भव्य आयोजन पर्यटन विभाग द्वारा कोविड 19 के बाद की गतिविधियों को पुनर्जीवित करने और पीर पंजाल क्षेत्र में विशेष रूप से स्थानीय संस्कृति, कला, विरासत पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन और साहसिक पर्यटन के लिए विभिन्न पर्यटन उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक प्रयास है। उपायुक्त ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि राजोेरी जिले में पर्यटन के क्षेत्र में बहुत बड़ी संभावनाएं हैं क्योंकि इसमें प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ जिले को सांस्कृतिक सौहार्द का प्रतीक माना जाता है और इस पीर पंजाल क्षेत्र के कई लोगों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना जलवा दिखाया है।
पुंछ में सनातन धर्मसभा आयोजित करेगी होली की शोभायात्रा
पुंछ। रविवार को पुंछ जिले में रंगों का त्योहार होली बड़े ही धूमधाम से मनाई जाएगी। जिला सनातन धर्मसभा के प्रधान सतीश सासन ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी होली का त्योहार उत्साह के साथ मनाया जाएगा। 11 बजे गीता भवन से शोभायात्रा निकाली जाएगी। जो मुख्य बाजार से होती हुई मोहल्ला डूंगस स्थित राधे श्याम मंदिर जाएगी। वहां पर आरती एंव पूजन के बाद गीता भवन में पहुंच कर संपन्न होगी।
सासन ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए सभी को मास्क पहनना और सैनिटाइजर रखना अनिवार्य किया गया है। इसके अतिरिक्त शोभायात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के प्रसाद अथवा खाने पीने की वस्तु का वितरण न करने का निर्णय किया है। होली को लेकर इस बार बाजारों में कोई खास रौनक देखने को नहीं मिल रही है। दुकानदारों ने रंग, पिचकारियों सहित होली का सामान दुकानों पर सजा कर रखा हुआ है। उन्होंने बताया कि कोरोना के खतरे के कारण इस बार बच्चों का बाजारों में आना नहीं हो रहा है। इससे धंधा काफी मंदा है। इस बीच जिला प्रशासन की तरफ से भी धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उनसे त्योहार मनाते समय कोरोना से बचाव के सरकारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया गया है।