संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। जिले की सुरनकोट तहसील मुख्यालय पर शनिवार को अंजुम ए जाफरिया की तरफ से नौवें मुहर्रम पर इमाम हुसैन और उनके साथ करबला के मैदान में शहीद होने वालों की याद में आशूरा का मातमी जुलूस निकाला गया। इसमें सुरनकोट के साथ ही पुंछ के शिया समुदाय के बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों ने भाग लिया।
आशूरा का यह मातमी जुलूस सुरनकोट के इमाम बारगाह से शुरू हुआ, जो विभिन्न क्षेत्रों से होता हुआ हाड़ी मोहल्ला तक गया। यहां से मुख्य बाजार से होते हुए देर शाम इमाम बारगाह में पहुंच कर संपन्न हुआ। यहां उलेमाओं ने इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत पर प्रकाश डाया। कहा कि हम लोग मजलूमों और सताए गए लोगों के साथ हैं। वह चाहे किसी मजहब, किसी जाती या किसी देश से हों। इसके साथ ही उलेमाओं ने कहा कि हमने नेशन फर्स्ट का पैगाम दिया है। हमारे लिए हमारा देश सबसे पहले है।