राजोरी। पशुओं की तस्करी के बढ़ते मामलाें और शिकायतों का उपायुक्त राजेश के. शवन ने कड़ा संज्ञान लिया है। इसके लिए उन्होंने एक आदेश जारी कर उनके परिवहन की समय सीमा तय कर दी है। आदेश में पशुओं को लाने व ले जाने का समय तय किया गया है। आदेश में कहा गया है कि शाम सात से सुबह के सात बजे तक पशुओं के ट्रांसपोर्टेशन पर प्रतिबंधित किया गया है।
यह कदम 21 जून की रात को हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। इसमें मुरादपुर गांव के पास लगभग पांच लोगों द्वारा एक 20 वर्षीय युवक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। पुलिस द्वारा पशु तस्करी के कई मामले दर्ज किए गए हैं। उपायुक्त के आदेश में कहा गया है कि वास्तविक पशुपालकों के लिए पशुओं की खरीदारी और इनके ट्रांसपोर्ट को सरल और परेशानी मुक्त बनाने और परिवहन को सक्षम करने और पशु तस्करी पर रोक लगाने के लिए अनुमति देने और पशुधन के परिवहन में परिभाषित प्रक्रिया को अपनाने की तत्काल आवश्यकता है। हाल की घटना और रिपोर्ट किए गए मामलों के मद्देनजर, कानून और व्यवस्था के उल्लंघन की आशंका बनी रहती है, और ऐसी घटनाएं जिससे व्यक्तियों या चल या अचल संपत्ति को नुकसान होता है। उपायुक्त के अनुसार क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने के लिए कुछ प्रयास किए जाते हैं।
आदेश में कहा गया है कि तहसीलदार की रिपोर्ट के बाद मुख्य कृषि, मुख्य पशुपालन अधिकारी के कार्यालय की सिफारिश के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट या अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट पशु की खरीद, परिवहन की अनुमति जारी करेंगे। इसके अलावा पशुओं को लाने ले जाने के लिए परिवहन का समय सुबह 7 से शाम 7 बजे के बीच होगा।
आदेश में यह भी कहा गया है कि अतिरिक्त उपायुक्त, एसडीएम, तहसीलदार, अतिरिक्त एसपी, एसडीपीओ, एसएचओ अपने-अपने क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखेंगे और तय समय से बाहर पशु से लदे किसी भी परिवहन की अनुमति नहीं देंगे। उपायुक्त कार्यालय से अनुमति के बिना पशुओं की आवाजाही की अनुमति नहीं दी जाएगी।