राजोेरी। अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने खनन ब्लॉकों की पहचान की है। उनकी नीलामी को अंतिम रूप देने के लिए खनन ब्लॉकों में जन सुनवाई का आयोजन शुरू किया। विवरण के अनुसार उपायुक्त राजेश कुमार शवन की देखरेख में प्रदूषण नियंत्रण समिति ने राजोरी के चिंगस चटयाडी इलाके में एक जन सुनवाई की।
प्रत्येक वक्ता ने खनन का विरोध करते हुए कहा कि खनन के कारण सैकड़ों कनाल भूमि पूरी तरह से नष्ट हो गई है, पानी के डगवेल आदि भी सूख गए है, जिससे पीने के पानी की कमी हो गई है। वक्ताओं ने कहा कि इससे पशुधन और मानव जीवन भी प्रभावित हुआ है। इसलिए खनन को पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए। लोगों का कहना है कि उक्त गांव में चार क्रशर लगाए गए हैं। उनके कारण नदी के किनारे की जमीन बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही है।
उपायुक्त राजोेरी राजेश कुमार शवन ने कहा कि लोगों की इच्छा को ध्यान में रखते हुए काम किया जाएगा। सरकार खनन को लेकर काफी गंभीर है। खनन अधिनियम के तहत ही खनन की अनुमति दी जाएगी। उल्लंघन करने वाले पर कार्रवाई की जाएगी। निर्माण सामग्री के मूल्य भी निर्धारित कर दिए गए हैं। इस संबंध में खनन एवं भूविज्ञान के डीएमओ को भी निर्देश दिया गया है कि वे प्रत्येक क्रशर में एक बोर्ड लगाएं, जिस पर रेत, बजरी और अन्य सामग्री के भाव लगे हों।
इस दौरान बदर हुसैन जिला अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण समिति ने विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, सरपंचों, पंचों और दरबार में मौजूद गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ उपायुक्त और अतिरिक्त उपायुक्त को धन्यवाद दिया।
बैठक में एसी डिफेंस, तहसीलदार, डीएमओ खनन और भूविज्ञान और संबंधित विभागों के अन्य प्रतिनिधि भी उपस्थित थे, जबकि जन सुनवाई में संबंधित पंचायतों के सरपंच, पंच और गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।