संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। जिले की कालाकोट सब डिवीजन के तहत पड़ने वाले एक गांव में अल्पसंख्यक समुदाय की एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पुलिस की ओर से सही कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान राजोरी-कालाकोट सड़क पांच घंटे तक जामकर नारेबाज़ी की।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे हिन्दू संगठनोें के नेता चमन लाल शर्मा, राकेश शर्मा, राकेश शर्मा, विक्रम, पूर्व सरपंच ओम प्रकाश ने कहा कि एक गांव की अल्पसंख्यक समुदाय की नाबालिग लड़की को तीन दिन पहले कालाकोट के ही एक़ गांव के एक़ बहुसंख्यक समुदाय के लड़के ने अपहरण कर लिया था। नाबालिग के परिजन और हिन्दू संगठनोें ने अपने स्तर पर पता लगाया।
इसके बाद पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने उसे 24 घंटे के अंदर कश्मीर घाटी के पुलवामा से बरामद कर लिया। अपहरण करने वाले को भी गिरफ्तार कर लिया। प्रदर्शनकारियों ने एसएचओ धर्मसाल पर आरोप लगाते हुए बताया कि नाबालिग का अपहरण करने के बाद उससे दुष्कर्म हुआ। इसकी पुष्टि मेडिकल जांच में भी की गई, लेकिन एसएचओ ने अपहरणकर्ता पर नाबालिग का अपहरण और दुष्कर्म को लेकर पॉक्सो एक्ट भी नहीं लगाया। हल्की धाराएं लगाईं। इसके चलते अपहरणकर्ता को एक़ दिन में ही कोर्ट से ज़मानत मिल गई।
प्रदर्शनकारियों ने एसएचओ धर्मसाल पर आरोपी को बचाने सहित अन्य आरोप लगाए। साथ ही उन्हें सस्पेंड करने की मांग की। इसके अलावा आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराएं लगाने पर जोर दिया। मौक़े पर पहुंचे डीएसपी कालाकोट सुरिंदर मोहन ने लोगों को शांत कराने के प्रयास किया, लेकिन उन्होंने उनकी नहीं सुनी। एसएचओ के सस्पेंड करने की मांग पर अड़े रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी विक्रम कुमार ने लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों पर कार्रवाई की जाएगी।
एएसपी ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि एसएचओ धर्मसाल शाबिर कोहली को एएसपी कार्यालय अटैच कर धर्मसाल में नया एसएचओ भेजा गया है। अपहरणकरता के खिलाफ धाराएं भी नई लगाई जाएंगी। एएसपी के आश्वासन के बाद करीब 5 घंटे बाद प्रदर्शन समाप्त किया।