पुंछ। जिले की सुरनकोट तहसील के गांव मनेई और चंडीमाड़ा के बीच बहने वाली सुरन नदी पर पुल नहीं होने के कारण हर दिन गांव के सैकड़ाें महिलाएं, पुरुष और बच्चे जान हथेली पर रखकर आवाजाही करते हैं। नदी पर आज तक पुल न बनाए जाने के चलते खुद को अन्य क्षेत्रों से जोडे़ रखने के लिए ग्रामीणों ने लकड़ी के दो शहतीर डाले हैं, जिन पर से गुजर कर वह नदी पार करते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार नदी पर झूला पुल ही निर्माण करवाने की मांग किए जाने के बाद भी आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। इसके चलते आज तक गांव के कई लोग पांव फिसलने से नदी में बहकर अपनी जान गंवा चुके हैं। चंडीमाडा से मनेई के बीच नदी पर आज तक झूल पुल भी नहीं बनवाए जाने को लेकर रोष प्रकट करते हुए प्रवीन अख्तर, मारूफ हुसैन, बरकत हुसैन, साबिया कौसर आदि का कहना है कि मनई और उसके आसपास के करीब आदा दर्जन गांव की छह हजार के करीब आबादी है जो इन शहतीरों से हर दिन नदी के आरपार होते हैं और बरसात के दिनों में जब पानी बढ़ जाता है तो हम लोगों को काफी परेशानियों का सामना क रना पड़ता है। क्योंकि नदी में पानी बढ़ जाने से बड़ी दिक्कत होती है। वह लोग अन्य जगहों से कट जाते हैं। वहीं, गांव के स्कूलों में तैनात बाहर के शिक्षक भी बाढ़ आने पर नहीं पहुंचते हैं।