राजोरी। लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले राजोरी टाउन हाल का निर्माण फंड के फंडे में फंस गया है। ठेकेदारों ने पैसा नहीं मिलने के चलते इसका काम बंद कर दिया है। पिछले दो साल से चल रहा निर्माण कार्य अभी तक 20 फीसदी भी नहीं हुआ है। इसकी वजह से तीन कमरों में राजोरी म्यूनिसिपल कमेटी का काम चल रहा है। इसकी हालत किसी खंडहर से कम नहीं।
जानकारी के अनुसार टाऊन हाल के निर्माण पर 285 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं, लेकिन पिछले दो साल से इस प्रोजेक्ट के लिए अभी तक 50 लाख रुपये ही मंजूर किए गए। यह भी ठेकेदारों को नहीं मिला। इसकी वजह से उन्होंने काम बंद कर दिया है। ठेकेदारों का कहना है कि उनके पास इतने पैसे नहीं है कि वो सारा पैसा लगा दें। यहां तक कि जो पहले खर्च किया, उसे भी विभाग ने जारी नहीं किया।
खुद की हालत ठीक नहीं
किसी भी शहर की साफ-सफाई और उसकी रौनक म्यूनिसिपल कमेटी के पास होती है, लेकिन राजोरी म्यूनिसिपल कमेटी खुद दूषित माहौल में है। कमेटी कार्यालय के अंदर कोई भी घुस सकता है, क्योंकि इसका कोई प्रवेश द्वारा नहीं। कार्यालय को जाने वाली सीढ़ियों के ठीक नीचे खुला शौचालय है, इस लिहाज से कमेटी के अधिकारी और कर्मचारी नाक पर रुमाल रखकर अपने कमरे तक पहुंचते हैं।
लाखों का सामान दरबदर
म्यूनिसिपल कमेटी को शहर की साफ सफाई को ठीक रखने के लिए डस्टबिन और कंटेनर दिए गए थे। लाखों रुपये से आए इन कंटेनरों को इस्तेमाल में तो नहीं लाया गया, लेकिन उनको महफूज रखना भी आवश्यक नहीं समझा गया। कमेटी के पास इनको स्टोर करके रखने के लिए जगह नहीं है। इसलिए खुले में सड़ रहे। कमेटी के अधिकारियों से बात करने पर उनका यह तर्क आया कि यह डस्टबिन बड़े हैं, इसलिए इनको शहर में नहीं लगाया जा सका।
विभाग को लिखा
राजोरी के अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त मतलूब खान का कहना है कि कांप्लेक्स के निर्माण के लिए पैसा जारी नहीं हो रहा है। इसके लिए जिला विकास आयुक्त ने अरबन लोकल बाडीज विभाग को पत्र भी लिखा है, लेकिन अभी तक इस पर कोई जवाब नहीं आया है। जब तक फंड जारी नहीं होगा, तब तक ठेकेदार काम शुरू नहीं करेंगे। उन्होंने भी माना कि निर्माण अधूरा होने से म्यूनिसिपल कमेटी की हालत खराब है।