राजोरी। विधान परिषद में पंचायत कोटे की चार सीटों के लिए हो रहे चुनावों में भाग लेने के मामले को सीमावर्ती जिला राजोरी के पंचों-सरपंचों में मतभेद हो गए हैं। एक दिन पहले वीरवार को यहां आल जेएंडके पंचायत कांफ्रेंस ने एमएलसी चुनावों का बाहिष्कार का ऐलान किया तो ठीक दूसरे ही दिन शुक्रवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए पंचों-सरपंचों ने चुनाव में भाग लेने का ऐलान करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया से अलग
रहना गलत होगा। लिहाजा चुनावों में भाग लेकर पंचायतों को अधिकार दिलाने के लिए आंदोलन छेड़ना उचित होगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पंच-सरपंच उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि कल वीरवार को आल जेएंडके पंचायत कांफ्रेंस के अध्यक्ष शफीक मीर ने 73वें संशोधन को लागू कर पंचायतों को अधिकारों से लैस किए जाने के बगैर इन एमएलसी चुनावों में भाग नहीं लेने का ऐलान किया था।
वहीं आज शुक्रवार को सेवा जगीर के सरपंच संजीव मंगू की अध्यक्षता में हुई एक विशाल बैठक में सरपंचों के एक बडे़ धडे़ ने एमएलसी के चुनावों में भाग लेने की हामी भरते हुए कहा कि बहिष्कार किसी मसले का हल नहीं है, लिहाजा चुनावी प्रक्रिया में भाग लिया जाएगा।
इस अवसर पर सरपंच संजीव मंगू ने कहा कि कुछ लोग अपने स्तर पर सरपंचों का संगठन बना कर अपना निजी हित साधने में लगे हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। मंगू ने कहा कि सरकार पर पंचायतों को अधिकार दिए जाने को लेकर दबाव बनाया जाएगा, लेकिन चुनाव बहिष्कार नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर सरपंच शौकत अली, सरपंच बाबू राम शर्मा, सरपंच खालक चौधरी, सरपंच मुनीर मिर्जा, सरपंच सरपंच मुजफ्फर भट्टी, सरपंच तसदुक खान आदि उपस्थित थे।