आर्म्ड पुलिस के जवानों की राशन भत्ते में बढ़ाेतरी की लंबे समय से मांग थी। सूत्रों के अनुसार जम्मू-कश्मीर गृह विभाग समय-समय पर इस पर विचार करता रहा है, पर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। अब भत्ते में बढ़ोतरी का प्रस्ताव आगे बढ़ा है। आर्म्ड पुलिस के जवानों की तैनाती शहरों तक ही सीमित नहीं है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों, दूरदराज की चौकियों व संवेदनशील स्थानों से लेकर शहरी क्षेत्रों में तैनाती रहती है।
इनकी जिम्मेदारी अंदरूनी सुरक्षा को मजबूत करने के साथ ही आपात या कानून व्यवस्था से जुड़ी स्थिति को संभाले में होता है। जिला पुलिस की तरह इनको रोजमर्रा के कामों में नहीं लगाया जाता है। ऐसे में राशन भत्ते में बढ़ोतरी को जवानों के कल्याण से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आर्म्ड पुलिस का प्रमुख एडीजीपी रैंक का अधिकारी होता है। उनकी मदद के लिए तीन आईजी और चार डीआईजी होते हैं। दो आईजी जम्मू और कश्मीर संभागमें आर्म्ड/आईआरपी बटालियनों की देखरेख करते हैं। हर आर्म्ड/आईआरपी बटालियन का प्रमुख एसएसपी या एसपी रैंक का कमांडेंट होता है। अभी जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में 11 आर्म्ड, 24 आईआरपी, दो बॉर्डर और दो महिला बटालियन हैं।