आतंक विरोधी अभियानों में जुटे सुरक्षा बलों को अब उन पांच आतंकियों की तलाश है जो लंबे समय से कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में आतंकवाद की वारदातों को अंजाम देते रहे हैं।
इन आतंकियों की धरपकड़ के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास शुरू किए गए हैं। इसी कवायद को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने पांचों आतंकियों की पहचान के लिए पोस्टर जारी किए हैं।
इन आतंकियों की सूचना देने के लिए स्थानीय लोगों को आगे आने को कहा गया है। इस काम में मदद करने वालों को इनाम देने के अलावा नाम गुप्त रखा जाएगा। पुलवामा पुलिस ने सेना और सुरक्षा बलों की सहायता से यह अभियान शुरू किया है।
ये पांचों आतंकी लश्कर-ए-तोइबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े बताए गए हैं। पुलिस की फेहरिस्त में शौकत अहमद टाक, इरशाद अहमद गनई, बिलाल मोहम्मद सज्जाद और कासिम के नाम भी शामिल है।
ये आतंकी उन चुनिंदा आतंकियों में शुमार हैं जो लंबे समय से जीवित बचे हैं और आतंक को बढ़ावा दे रहे हैं। कई जिलों की पुलिस को इनकी तलाश है। इनमें से इरशाद पिछले साल जून में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के कश्मीर दौरे की पूर्व संध्या पर हैदरपोरा में सेना पर हमले में शामिल रहा है।
पाकिस्तान का रहने वाला कासिम दक्षिण कश्मीर का डिवीजनल कमांडर बताया गया है। पुलिस ने पुलवामा तथा अवंतीपोरा इलाकों में इनकी पहचान के लिए पोस्टर चिपकाए हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि उनकी यह कोशिश रंग लाएगी। बदले हुए माहौल में लोग इनकी जानकारी देने के लिए आगे आएंगे।