पुंछ। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जहां देश एवं दुनिया भर में नाम कमाने वाली महिलाओं की उपलब्धियों को उजागर किया जाता है। जिन्होंने अपने दम पर परिवार, गांव, शहर, जिले अथवा राज्य का मान बढ़ाने का काम किया है। ऐसे खास मौके पर पुंछ की युवती बालकृष्ण कौर का नाम विशेष कर कोच मुश्ताक हुसैन के लिए गर्व का कारण बन जाता है।
बालकृष्ण पुंछ की एक ऐसी लड़की है जिसने अन्य लड़कियों से हट कर ऐेसा खेल चुना है जिसे लड़के भी कम संख्या में अपनाते हैं। बालकृष्ण कौर ने सीमावर्ती जिले में मुक्केबाजी में भाग लेने वाली पहली महिला खिलाड़ी बन कर राष्ट्रीय स्तर तक शानदार प्रदर्शन के दम पर कई पदक प्राप्त किए हैं। इससे उसने जिले का नाम ऊंचा किया है। बालकृष्ण कौर ने तीन वर्ष तक राष्ट्रीय स्तर की मुक्केबाजी में भाग लेकर पुंछ की महिलाओं का मान बढ़ाया है। अब उसकी इच्छा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम ऊंचा करने की इच्छा है। बालकृष्ण कौर शानदार प्रदर्शन से उसके माता पिता भी खुश ह्रैं। उन्हें इस बात का भरोसा है कि उनकी बेटी एक दिन विश्व स्तर पर नाम कमाएगी।