पुंछ। सेना की तरफ से मंगलवार को मंडी के गांव लोरन के छात्रों, युवाओं और लोगों के लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ विषय पर जागरूकता व्याख्यान आयोजित किया गया। यह बालिकाओं को शिक्षित करने के महत्व पर जोर देने, लिंग अनुपात में गिरावट के बारे में जागरूकता फैलाने, गर्भपात की प्रवृत्ति को समाप्त करने और घरेलू हिंसा अधिनियम 2009 सहित अपने कानूनी अधिकारों और कानूनों के बारे में जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि बाल विवाह अधिनियम 2006, शिक्षा का अधिकार अधिनियम और दहेज निषेध अधिनियम, बालिकाओं के अस्तित्व, संरक्षण और सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने के लिए समन्वित और अभिसरण प्रयास की आवश्यकता है। इसलिए सरकार ने 22 जनवरी, 2015 को हरियाणा के पानीपत में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की शुरुआत की। यह महिला और बाल विकास, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और मानव संसाधन विकास मंत्रालयों का एक त्रि-मंत्रालयी प्रयास है। इस कार्यक्रम के प्रतिभागियों ने भारतीय सेना द्वारा उठाए गए कदम की सराहना की।